सुनाम क्षेत्र के गांव उगराहां के पास से गुजरती नहर में वीरवार सुबह अचानक बड़ी दरार आ गई। नहर का किनारा टूटते ही पानी का बहाव इतना तेज आया कि सैकड़ों एकड़ में खड़ी धान की पकी हुई फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई।
पानी के प्रचंड वेग के आगे खेत में लगे बिजली के ट्रांसफार्मर और बड़े-बड़े पेड़ तक उखड़कर बह गए। कटाई के मुहाने पर खड़ी फसल के तबाह होने से इलाके के किसानों के चेहरे पर चिंता की गहरी लकीरें खींच गई हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना वीरवार सुबह करीब सात बजे की है। नहर में अचानक एक छोटा सा कटाव देखा गया, जो देखते ही देखते चौड़ा होता चला गया। जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते और पानी को रोकने का प्रयास करते, तब तक नहर का पानी पूरी रफ्तार से आसपास के खेतों में फैल गया।
अगर पानी खड़ा रहा तो पूरी मेहनत पर फिर जाएगा पानी
पीड़ित किसान रणजीत सिंह, गुरसेवक सिंह, करतार सिंह, निक्का सिंह और सुरजीत सिंह ने रोष जताते हुए बताया कि उनकी महीनों की मेहनत और पूंजी से तैयार धान की फसल अब पूरी तरह पानी में डूब चुकी है। किसानों का कहना है कि यदि खेतों से पानी की निकासी तुरंत नहीं हुई, तो फसल गलकर पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी।
नहरी विभाग पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
आक्रोशित ग्रामीणों ने नहरी विभाग के खिलाफ भड़ास निकाली। किसानों ने आरोप लगाया कि विभाग द्वारा रजवाहे और नहर की समय पर उचित सफाई नहीं कराई जाती। नहर के जर्जर किनारों को मजबूत करने के लिए कोई पुख्ता कदम नहीं उठाए गए, जिसके कारण आए दिन नहर टूटने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
विभाग की सफाई: नियमित होती है निगरानी
दूसरी तरफ आरोपों को खारिज करते हुए नहरी विभाग के अधिकारियों का दावा है कि नहर की समय-समय पर सफाई कराई जाती है और विभाग के कर्मचारियों द्वारा लगातार मुआयना भी किया जाता है। फिलहाल विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर दरार को बंद करने और पानी के बहाव को रोकने के काम में जुट गई है।