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कोर्ट के आदेश पर पहुंचा कारोबारी गिरफ्तार: सीजीएसटी अधिकारियों को हाईकोर्ट का नोटिस, दो अधिकारी तलब

Sun, 27 Sep 2026 10:05 AM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हाईकोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी की अनुमति में जिन कारणों का उल्लेख किया गया, वे प्रथमदृष्टया उचित नहीं लगते। अदालत के अनुसार कारोबारी अधिकारियों के सामने मौजूद था, दस्तावेज उपलब्ध करा रहा था और कोर्ट के निर्देश के अनुसार जांच में सहयोग कर रहा था।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अदालत के आदेश पर जांच में शामिल होने पहुंचे लुधियाना के कारोबारी कुलदीप गोयल को केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) अधिकारियों द्वारा गिरफ्तार किए जाने पर कड़ा रुख अपनाया है। 
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हाईकोर्ट ने कारोबारी की तत्काल रिहाई का आदेश देते हुए प्रथमदृष्टया माना कि गिरफ्तारी संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले अधिकारों का उल्लंघन हो सकती है। अदालत ने अधिकारियों के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि लंबित न्यायिक कार्यवाही के बीच अदालत के आदेश से आगे बढ़ने का प्रयास किया गया।

हाईकोर्ट ने लुधियाना सीजीएसटी के प्रधान आयुक्त सुग्रीव मीणा और जांच अधिकारी मोहम्मद सलीम को व्यक्तिगत हैसियत से मामले में पक्षकार बनाया है। दोनों अधिकारियों को नोटिस जारी कर पूछा गया है कि उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश क्यों न की जाए।
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बैंक खाता कुर्क करने के खिलाफ दायर की थी याचिका
याचिकाकर्ता कुलदीप गोयल हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) के कर्ता हैं। उनकी फर्म मेसर्स अंश स्टील एलॉयज सीजीएसटी और पंजाब जीएसटी कानून के तहत पंजीकृत है। फर्म के बैंक खाते को कुर्क किए जाने के खिलाफ उन्होंने पहले हाईकोर्ट का रुख किया था। कारोबारी की ओर से कहा गया था कि बिना कारण बताओ नोटिस जारी किए और व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिए बैंक खाता कुर्क कर दिया गया।

22 सितंबर को कोर्ट में दिया था पेश होने का आश्वासन
22 सितंबर को हुई सुनवाई में राजस्व विभाग ने आरोप लगाया कि कारोबारी जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। इसके विपरीत कारोबारी की ओर से कहा गया कि वह पहले ही अधिकारियों के सामने दस्तावेज पेश कर चुका है और कई बार पेश हो चुका है। सुनवाई के दौरान कारोबारी के वकील ने अदालत को आश्वासन दिया कि कुलदीप गोयल अगले दिन सुबह 11 बजे सीजीएसटी अधिकारियों के सामने पेश होंगे। हाईकोर्ट ने इस आश्वासन को अपने आदेश में दर्ज किया और मामले की स्थिति 29 सितंबर को बताने के निर्देश दिए।

अगले दिन पहुंचे तो नया समन और फिर गिरफ्तारी
अदालत के आदेश के बाद कुलदीप गोयल 23 सितंबर को सुबह 11 बजे सीजीएसटी कार्यालय पहुंच गए। इसी दिन उन्हें जीएसटी अधिनियम की धारा 70 के तहत नया समन जारी किया गया और उनकी गिरफ्तारी की अनुमति दे दी गई। कारोबारी की ओर से आरोप लगाया गया कि उन्हें दिनभर और रातभर सीजीएसटी कार्यालय में रखा गया। इसके बाद 24 सितंबर की सुबह 4:45 बजे उनकी गिरफ्तारी दिखाई गई।

गिरफ्तारी के कारणों पर कोर्ट ने उठाए सवाल
हाईकोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी की अनुमति में जिन कारणों का उल्लेख किया गया, वे प्रथमदृष्टया उचित नहीं लगते। अदालत के अनुसार कारोबारी अधिकारियों के सामने मौजूद था, दस्तावेज उपलब्ध करा रहा था और कोर्ट के निर्देश के अनुसार जांच में सहयोग कर रहा था। अदालत ने यह भी गौर किया कि गिरफ्तारी की अनुमति में हाईकोर्ट के आदेश और कारोबारी की पेशी का कोई उल्लेख नहीं था। इसी आधार पर अदालत ने प्रथमदृष्टया गिरफ्तारी को संविधान के अनुच्छेद 21 में मिले अधिकारों के संदर्भ में गंभीर माना और तत्काल रिहाई का आदेश दिया।
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