साल 2025 के दौरान पंजाब में कुछ ऐसी घटनाएं हुईं, जो खासी चर्चा में रहीं। इस साल जहां पंजाब ने इतिहास की सबसे बड़ी बाढ़ की त्रासदी झेली, वहीं इस पानी पर खूब सियासत भी गरमाई। पंजाब ने हरियाणा को अतिरिक्त पानी देने से इन्कार करते हुए पानी रोक दिया।
पहली बार विधानसभा का विशेष सत्र चंडीगढ़ से बाहर श्री आनंदपुर साहिब में लगाया गया। खाकी पर दाग लगा और डीआईजी स्तर के पुलिस अफसर भ्रष्टाचार के मामले में फंस गए, वहीं ऑनलाइन ठगी का शिकार पटियाला के पूर्व आईजी ने खुद को गोली मार ली। अकाली नेता व पूर्व मंत्री को विजिलेंस ने गिरफ्तार भी किया। नरेंद्र मोदी व शिवराज चाैहान के दाैरे पर भी जमकर राजनीति हुई। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीमा पर भारी तनाव रहा और पंजाब के कई गांवों को खाली भी करवाया गया। गोली लगने से आप के एक विधायक की मौत भी हो गई।
सबसे बड़ी बाढ़ त्रासदी
पंजाब ने साल 2025 में इतिहास की सबसे बड़ी बाढ़ त्रासदी झेली। पहाड़ों पर अत्यधिक बारिश से पंजाब के दरियाओं में ऐसा उफान आया कि गांव के गांव उजड़ गए। 57 लोगों की जानें चली गईं और 4 लोगों का अभी तक मालूम नहीं सका। सवा तीन लाख पशु लापता हैं। भारत-पाकिस्तान सीमा पर बीएसएफ की 110 किलोमीटर की फेंसिंग बह गई। 23 जिलों में 2484 गांवों के 389279 लोग बुरी तरह प्रभावित हुए। 199679 हेक्टेयर से अधिक फसलें तबाह हो गई। पंजाब में साल 1987 के बाद यह सबसे भीषण बाढ़ थी और इतिहास की सबसे बड़ी बाढ़ त्रासदी के रूप में दर्ज हो गई। पानी से मिला यह दर्द पंजाबी अरसे तक याद रखेंगे।
मोदी-शिवराज के दौरे
बाढ़ पर मरहम लगाने पहले केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान पंजाब आए। उसके कुछ दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे। दोनों नेताओं ने कई जिलों का दौरा बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की। पीएम ने 1600 करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा की। पीएम की इस घोषणा के बाद पंजाब में खूब सियासत हुई। पंजाब सरकार ने इस मुआवजे को ऊंट के मुंह में जीरा बताते हुए राहत पैकेज बढ़ाने को कहा तो केंद्र सरकार ने सूबे से यह पूछ लिया कि एसडीआरएफ के करीब 1200 करोड़ रुपये कहां खर्च किए। सियासत आज भी जारी है...।
पानी पर पहरा
भीषण गर्मी के दौरान मई के पहले हफ्ते में पानी पर उस वक्त सियासत गरमा गई जब पंजाब ने हरियाणा को भाखड़ा बांध से अतिरिक्त पानी देने से इन्कार कर दिया। पंजाब का दावा था कि हरियाणा को उसके हिस्से का पानी दिया जा चुका है और वे अतिरिक्त पानी देने की स्थिति में नहीं है। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को इस मसले पर दिल्ली में भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के सहयोगी राज्यों के मुख्य सचिवों की आपातकालीन बैठक बुलानी पड़ी। पानी पर पहरा तक लगाना पड़ा। आप के मंत्रियों ने धरने दिए और विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया। पंजाब आज भी हरियाणा को अतिरिक्त पानी न देने पर अडिग है।
तनाव के बाद पलायन
अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने मई में पाकिस्तान से बदला लेने के लिए ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया। इस दौरान आतंक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। इस दौरान पाकिस्तान से सटी पंजाब की 553 किलोमीटर सीमा पर जबरदस्त तनाव का माहौल बना रहा। फेंसिंग के साथ सटे कई गांवों को सेना ने तुरंत खाली करवाया। ग्रामीण अपना घर छोड़कर पलायन कर गए। लोगों को इस दौरान काफी नुकसान भी झेलना पड़ा। सरहद पर बसे पंजाबियों की जुबां पर बस यही बात है कि साल 1947 के बाद कितनी बार पलायन झेलेंगे।
आप को मिला सियासी बल
जून में लुधियाना पश्चिमी वेस्ट, नवंबर में तरनतारन उपचुनाव हुआ और दिसंबर में जिला परिषद व पंचायत समिति के चुनाव हुए। हालांकि इस दाैरान आप, कांग्रेस, भाजपा, शिअद समेत अन्य सभी सियासी दलों ने जीत के लिए खूब जोरआजमाइश की मगर बल आम आदमी पार्टी को मिला। पहले लुधियाना में आप के संजीव अरोड़ा जीतें और मंत्री बने। उसके बाद पंथक हलके तरनतारन में आप ने
शिअद के गढ़ में सेंधमारी कर आप ने जीत दर्ज की। उसके बाद जिला परिषद व पंचायत समिति चुनाव में भी आप ने जबरदस्त जीत हासिल की।
विधायक का सिर हुआ छलनी
जनवरी में लुधियाना पश्चिम सीट से आम आदमी पार्टी के विधायक गुरप्रीत गोगी बस्सी की रात सिर में गोली लगने से मृत्यु हो गई। आप विधायक को परिवार के सदस्यों द्वारा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार के सदस्यों के अनुसार गोगी अपनी रिवॉल्वर साफ कर रहे थे तभी दुर्घटनावश रिवॉल्वर से चली और उनके सिर में जा लगी। यह घटना सियासी जगत में चर्चित रही और आप ने एक विधायक खो दिया।
छोड़ गए धर्मेंद्र और भल्ला जी
हिंदी फिल्म जगत दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का इसी साल नंवबर में देहांत हो गया। वे पिछले कुछ समय से बीमार थे। लुधियाना के साहनेवाल में जन्में धर्मेंद्र की जड़ें पंजाब में बहुत गहरी रहीं। जिस स्कूल में धर्मेंद्र पढ़ते थे, वहीं उनके पिता पढ़ाते भी थे। जब उनके मन में अभिनय का बीज पनपा तो उन्होंने बाॅलीवुड का रुख कर कड़े संघर्ष के बाद खुद को साबित कर दिखाया। अगस्त में पंजाबी कलाकार जसविंदर भल्ला का भी निधन हो गया। वे पीएयू में सहायक प्रोफेसर थे मगर पंजाबी फिल्मों में उनकी कला का कद बहुत बड़ा था। गजब के काॅमेडी किंग का यूं चले जाना पंजाबियों को खूब खलता है।
मजीठिया पर शिकंजा
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने 25 जून को शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को अमृतसर स्थित आवास से गिरफ्तार किया था। पंजाब की सियासत में यह बड़ी हलचल थी। उन पर 540 करोड़ रुपये से अधिक की ड्रग मनी को वैध बनाने (मनी लॉन्ड्रिंग) के गंभीर आरोप हैं। यह कार्रवाई 2021 में दर्ज रिपोर्ट और विजिलेंस की जांच के आधार पर की गई। यह मामला 2013 में ईडी की उस जांच से जुड़ा है, जिसमें 6,000 करोड़ रुपये के सिंथेटिक ड्रग रैकेट का पर्दाफाश हुआ था। जमानत न मिलने की वजह से मजीठिया अभी तक सलाखों के पीछे हैं।
खाकी हुई दागदार
इस साल 16 अक्तूबर को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रोपड़ के डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया। उन पर पांच लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगा। सीबीआई ने उनके एक सहयोगी बिचौलिए कृष्णु शारदा को काबू किया। उन पर भी मंडी गोबिंदगढ़ के स्क्रैप डीलर आकाश बात्ता से आठ लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप था। भुल्लर की कोठी से
सीबीआई ने करीब 7.5 करोड़ रुपये नकद, 2.5 किलो सोना और कई बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए थे। इसके बाद उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का अलग मामला भी दर्ज किया गया। भुल्लर भी अभी सलाखों के पीछे हैं।
श्री आनंदपुर साहिब का विशेष सत्र
इतिहास में पहली बार हुआ जब पंजाब विधानसभा चंडीगढ़ से बाहर लगाई गई। माैका था श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस का। पंजाब सरकार ने इस उपलक्ष्य में इस साल 24 नवंबर को विधानसभा का विशेष सत्र चंडीगढ़ से बाहर श्री आनंदपुर साहिब स्थित भाई जैता जी मेमोरियल में आयोजित किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसी सत्र में श्री अमृतसर साहिब, श्री तलवंडी
साबो साहिब और श्री आनंदपुर साहिब के धार्मिक गलियारे को पवित्र नगरी घोषित किया। प्रस्ताव सर्व सम्मति से पारित हुआ और अब इसकी अधिसूचना भी जारी हो गई है।
आरएसएस नेता की हत्या
फिरोजपुर में आरएसएस नेता बलदेव राज अरोड़ा के बेटे नवीन अरोड़ा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। कथित संगठन ‘शेर-ए-पंजाब ब्रिगेड’ ने सोशल मीडिया पर इस हत्या की जिम्मेदारी ली। अरोड़ा पर यह अटैक तब हुआ था जब वह मोटरसाइकिल से घर जा रहे थे। उसी समय पर बाइक सवार दो हमलावरों ने गोली मार दी थी।हालांकि पुलिस ने इस मामले के मुख्य शूटर बादल को एनकाउंटर में ढेर कर दिया।
कबड्डी खिलाड़ियों का कत्ल
कबड्डी खिलाड़ियों की हत्या भी इस साल खासी चर्चा में रही। जगरांव के गांव गिद्दड़विंडी में कबड्डी खिलाड़ी तेजपाल सिंह की कार सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा मोहाली के सोहाना में चार दिवसीय कबड्डी टूर्नामेंट के अंतिम दिन कबड्डी प्रमोटर राणा बलाचौरिया की गोली मारकर हत्या कर दी गई। राणा
बलाचौरिया की शादी महज 10 दिन पहले हुई थी। इस हत्याकांड ने सभी को चौंका दिया। बंबीहा गैंग ने इसकी जिम्मेदारी ली और इसे सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से जोड़ा। पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी हरपिंदर सिंह मिड्ढी को एनकाउंटर में ढेर कर दिया।
पूर्व आईजी ने की आत्महत्या की कोशिश
पटियाला में पूर्व आईजी अमर सिंह चहल ने सुरक्षाकर्मी की रिवॉल्वर से घर में खुद को गोली मार ली। चहल ने गोली मारने से पहले 12 पेज का सुसाइड नोट लिखा। इसमें उन्होंने बताया कि उनके साथ 8 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी हुई है। उन्होंने परिवार को सुरक्षा देते हुए पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव से एसआईटी या सीबीआई से ठगी मामले की जांच करवाने की मांग की है। ये सुसाइड
नोट उन्होंने अपने दोस्तों को भी भेजा था।