भाखड़ा और पाैंग बांध का जलस्तर कम होने से गर्मियों में तीन राज्यों व दो केंद्र शासित प्रदेशों की परेशानी बढ़ गई है, क्योंकि भाखड़ा से ही पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, चंडीगढ़ व दिल्ली को पानी की आपूर्ति होती है।
पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और चंडीगढ़ में इस बार गर्मियों में बिजली-पानी का संकट पैदा हो सकता है। भाखड़ा बांध का जलस्तर 14 फीट गिर गया है, जो चिंता का विषय है।
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सोमवार को भाखड़ा बांध का जलस्तर 1596.61 फीट दर्ज किया गया है। वर्ष 2024 में इसी दिन भाखड़ा का जलस्तर 1610.78 फीट था। इसी तरह पौंग बांध का जलस्तर तो औसत से भी नीचे चल गया है। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) को इस बार मानसून सीजन से आस है, क्योंकि भाखड़ा के पानी का प्रमुख स्रोत बारिश ही है।
भाखड़ा बांध में पहाड़ों से बर्फ पिघलने से भी गर्मियों के मौसम में पानी की आवक होती है, लेकिन इसकी मात्रा काफी कम रहती है। अब बीबीएमबी की इस पर भी नजर है कि बर्फ पिघलने से आने वाले पानी से बांध का जलस्तर कितना बढ़ता है। हालांकि, इससे भी अप्रैल व मई में ही पानी की आवक शुरू होती है।
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पौंग बांध का जलस्तर सोमवार को 1308 फीट दर्ज किया गया है, जबकि बांध का औसत जलस्तर 1337 फीट होता है। पिछले साल इसी दिन बांध का जलस्तर 1348.18 फीट दर्ज किया गया था। जलस्तर कम होने से बोर्ड को सिर्फ यह फायदा हुआ है कि अब दोनों बांधों की बोर्ड सही रूप से सफाई कर पा रहा है।