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Punjab Flood: भाखड़ा डैम का जलस्तर 1679 फीट, खतरे के निशान से एक फीट नीचे, बीबीएमबी ने खोले चारों फ्लड गेट

Thu, 04 Sep 2025 07:31 PM IST
अंकेश ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, नंगल (पंजाब)

सार

पंजाब व हिमाचल प्रदेश की सीमा पर भाखड़ा डैम में पानी का लेवल बढ़ता जा रहा है। इसको देखते हुए बीबीएमबी की तरफ से डैम के चारों फ्लड गेट 9-9 फीट तक खोल कर 85 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। 
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पंजाब में बाढ़ - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल के ऊपरी क्षेत्रों में हो रही जोरदार बारिश व बादल फटने की घटनाओं के चलते भाखड़ा डैम का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। जलस्तर में तेजी से होती वृद्धि को देखते हुए बीबीएमबी मैनेजमेंट से चारों फ्लड गेट 9-9 फीट तक खोल दिए है।

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जानकारी के अनुसार एक लाख क्यूसेक से भी अधिक पानी की आमद के साथ भाखड़ा डैम का जलस्तर 1679 फीट पर पहुंच गया था। इस दौरान ट्रबाइनों व फ्लड गेटों के माध्यम से कुल 85 हजार क्यूसेक पानी छोड़ गया है। डैम से पानी छोड़े जाने की वजह से सतलुज दरिया के किनारे बसे निचले ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। हालांकि डीसी रूपनगर वर्जित वालिया और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने वीरवार सुबह ही लोगों से अपने अपने घर छोड़ सुरक्षित स्थानों की ओर चले जाने को कह दिया था।

भाखड़ा डैम से छोड़े गए 85 हजार क्यूसेक पानी में से नंगल डैम से निकलने वाली नंगल हाइडल व श्री आनंदपुर साहिब हाइडल नहर में 9-9 हजार जबकि सतलुज दरिया में 67 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे हर्षा बेला, पत्ती दुचली, पत्ती टेक सिंह,सैंसोंवाल,एलगरां, बेला ध्यानी, बेला ध्यानी लोअर, बेला राम गढ़, शिव सिंह बेला, प्लासी, सिंघपुरा, जोहल, तर्फ मजारी, भलाण, कलित्रा, दड़ोली लोअर व दबखेड़ा में खतरा बढ़ गया है।
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बाढ़ग्रस्त फाजिल्का में सेना ने संभाली कमान, कई गांव खाली करवाए
फाजिल्का में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। 27 अगस्त से पानी का स्तर बढ़ता जा रहा है और सैकड़ों ग्रामीण प्रभावित हो रहे हैं। तमाम कठिनाइयों के बावजूद फाजिल्का में तैनात भारतीय सेना की टुकड़ियां लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। कई गांवों को खाली करवाया गया है।

अब तक 2200 से अधिक ग्रामीणों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। सेना की मेडिकल टीम घायलों का इलाज कर रही है और भोजन, पीने का पानी तथा दवाएं कई इलाकों में पहुंचाई जा रही हैं। सेना, स्थानीय प्रशासन और एनडीआरएफ मिलकर निकासी, चिकित्सा सहायता और गांवों में हालात स्थिर करने पर काम कर रहे हैं। फाजिल्का में तैनात सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने यह भी आश्वस्त किया है कि सेना देश के नागरिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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