बलबीर सिंह, पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री
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पीजीआई चंडीगढ़ में मरीजों को पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत मुफ्त इलाज की सुविधा नहीं मिल रही है। इसे लेकर सूबा सरकार खासी नाराज है। पंजाबियों को इस सुविधा का लाभ पीजीआई में मिले, इसके लिए पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने 21 मई को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को पत्र भी लिखा था मगर अभी तक इस पर कोई जवाब नहीं आया है।
केंद्र का जवाब न आने से नाराज स्वास्थ्य मंत्री ने साफ कहा कि केंद्र सरकार पंजाब के साथ भेदभाव करना बंद करे। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में पीजीआई का निर्माण पंजाब की जमीन पर पंजाब के लोगों के लिए किया था। हरियाणा और हिमाचल प्रदेश तो बाद में पंजाब से अलग हुए लिहाजा पीजीआई पर पहला हक पंजाबियों का है।
यह संस्थान पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ में स्थापित किया गया था। नवंबर 1966 में पंजाब से अलग होने के बाद चंडीगढ़ हरियाणा की भी राजधानी बना। फिर भी राजधानी पर बड़ा दावा पंजाब का ही है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, इसके अलावा पीजीआई में केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना का भी लाभ दिया जाता है और यह भी कैशलेस योजना है। उन्होंने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि यदि पीजीआई में आयुष्मान योजना का लाभ मिल सकता है तो पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना का लाभ क्यों नहीं मिल सकता जबकि यह योजना भी कैशलेस है।