फ्रांस में 25 अक्तूबर को प्रस्तावित चंडीगढ़ की ऐतिहासिक धरोहर से जुड़ी वस्तुओं की नीलामी को रोकने के लिए एडवोकेट अजय जग्गा ने चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।
उन्होंने प्रशासक को पत्र लिखकर कहा कि नीलामी की तारीख नजदीक है। ऐसे में धरोहर को बचाने के लिए कानूनी और कूटनीतिक स्तर पर बिना देरी के कदम उठाने की जरूरत है।
अजय जग्गा चंडीगढ़ प्रशासन की हेरिटेज आइटम्स प्रोटेक्शन कमेटी के सदस्य और प्रशासक की सलाहकार परिषद के सदस्य हैं। उन्होंने पत्र में संस्कृति विभाग की ओर से अब तक की गई कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि विभाग ने चंडीगढ़ पुलिस के एसएसपी को संबंधित वस्तुओं को कथित तौर पर अनधिकृत रूप से हटाने और उनकी नीलामी के मामले में एफआईआर दर्ज करने के लिए लिखा है। अब इस अनुरोध पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि आगे की प्रक्रिया समय रहते शुरू की जा सके।
उन्होंने सुझाव दिया कि एफआईआर दर्ज होने के तुरंत बाद इसकी प्रति और संबंधित दस्तावेज विदेश मंत्रालय को भेजे जाएं। विदेश मंत्रालय के माध्यम से फ्रांस स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क कर नीलामी रुकवाने या स्थगित करवाने के लिए कूटनीतिक स्तर पर उचित हस्तक्षेप का अनुरोध किया जा सकता है।
हेरिटेज प्रोटेक्शन सेल की बैठक बुलाने की मांग
जग्गा ने चंडीगढ़ प्रशासन की हेरिटेज आइटम्स प्रोटेक्शन सेल की बैठक भी जल्द बुलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नीलामी की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जानी चाहिए। इस सेल के अध्यक्ष मुख्य सचिव हैं। इसमें पंजाब विश्वविद्यालय, पीजीआईएमईआर, नगर निगम, पंजाब और हरियाणा, हाईकोर्ट तथा चंडीगढ़ पुलिस समेत विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हैं। उनके अनुसार, सेल की पिछली बैठक दो साल से अधिक समय पहले हुई थी।
कोहिनूर का उदाहरण देकर उठाया मुद्दा
पत्र में जग्गा ने कोहिनूर हीरे का उदाहरण देते हुए कहा कि ब्रिटेन उसे ऐतिहासिक समझौतों और 1849 की लाहौर संधि के आधार पर कानूनी रूप से प्राप्त संपत्ति बताता है। इसके विपरीत, उनके अनुसार, चंडीगढ़ की विरासत से जुड़ी वस्तुओं के मामले में ऐसा कोई समझौता नहीं है और इन्हें कथित तौर पर अवैध रूप से विदेश भेजकर नीलाम किया जा रहा है।
उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 49 और 51 का हवाला देते हुए कहा कि देश की ऐतिहासिक धरोहर की रक्षा करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रशासक से अपील की कि चंडीगढ़ की विरासत को विदेशों में नीलाम होने से बचाने के लिए सभी संभव कदम उठाए जाएं।