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Punjab: आप विधायक पठानमाजरा के बेटे, पीए समेत 16 के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट, पत्नी ने HC में लगाई सुरक्षा याचिका

Wed, 10 Sep 2025 09:30 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/पटियाला

सार

दुष्कर्म का केस दर्ज होने के बाद दो सितंबर को हरमीत सिंह पठानमाजरा को पुलिस ने हिरासत में लिया था। पठानमाजरा और उनके साथियों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थरबाजी और फायरिंग की। भाग रहे विधायक की स्कार्पियों की टक्कर से एक पुलिस कर्मी घायल हो गया था। पुलिस ने इस दौरान उसके साथी बलविंदर सिंह को पकड़ लिया था। उसके पास से तीन असलहा व एक फॉरच्यूनर गाड़ी बरामद की थी।
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सीएम मान के साथ हरमीत सिंह पठानमाजरा - फोटो : फाइल
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विस्तार
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दुष्कर्म केस में फंसे सन्नौर के आप विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा के बेटे, पीए समेत 16 लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो गया है। इन सभी के खिलाफ फरार विधायक को भगाने में मदद करने, उसे पनाह देने और कानून व्यवस्था को भंग करने के आरोपों में पटियाला के थाना सिविल लाइन में केस दर्ज किया गया था। 
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आरोपियों में विधायक का बेटा हरजश्न सिंह उर्फ जश्न, पीए गुरप्रीत सिंह गुरी, आप के जिला यूथ प्रधान अमर सिंह संघेड़ा, अमनदीप ढोट, साजन, धरमिंदर. बिट्टू व अन्य शामिल हैं। पठानमाजरा पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। उसकी अग्रिम जमानत याचिका पर पटियाला की अदालत में बुधवार को सुनवाई होगी। पुलिस की टीमें पठानमाजरा की तलाश राजस्थान, मध्यप्रदेश व अन्य राज्यों में कर रही हैं। 

पठानमाजरा की पत्नी ने हाईकोर्ट से लगाई सुरक्षा बहाली की गुहार

आम आदमी पार्टी के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा की पत्नी सिमरनजीत कौर ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने और परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है। हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।

याचिका के अनुसार विधायक ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर नदियों में पानी छोड़ने और गाद निकालने की अनुमति के मामले में सरकार को गुमराह करने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया कि उनके हलके के 11 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए लेकिन सरकार ने घग्गर नदी के किनारे मजबूत करने के लिए मिट्टी उपयोग की अनुमति तक नहीं दी।
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याचिकाकर्ता ने कहा है कि विधायक के बयान वायरल होने के बाद सरकार ने नाराजगी जाहिर की और उनके परिवार की सुरक्षा वापस ले ली गई। साथ ही, क्षेत्र के सभी थानेदारों का तबादला कर दिया गया। इस बीच विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। यह पूरा मामला राजनीतिक प्रतिशोध से जुड़ा है।

सिमरनजीत कौर ने बताया कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने वाली गुरप्रीत कौर असल में विधायक की दूसरी पत्नी है। गुरप्रीत कौर पहले भी ऐसे मामले दर्ज करवा चुकी है। याचिका में दावा किया गया है कि विधायक को फंसाने के लिए उनके ससुराल पर पुलिस ने छापे मारे और समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इतना ही नहीं, विधायक को गैंगस्टर बताने की कोशिश की जा रही है और उन्हें फर्जी मुठभेड़ में फंसाने का खतरा है। सिमरनजीत कौर ने अदालत से सुरक्षा बहाल करने और दर्ज मामलों पर पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मंगाने की मांग की है।
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