दिवाली से पहले ही पंजाब की हवा प्रदूषित होने लगी है। कई शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खराब श्रेणी में पहुंच गया है। पटियाला का एक्यूआई सबसे अधिक 239 दर्ज किया गया, जबकि लुधियाना में यह 214 रहा।
प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी एक्यूआई येलो जोन में है। वहीं, पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। अमृतसर और तरनतारन में सबसे अधिक मामले सामने आ रहे हैं। इसे देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने अमृतसर के डीसी व एसएसपी और तरनतारन के एसएसपी को नोटिस जारी कर पांच दिन में जवाब मांगा है। नोटिस की प्रति पंजाब के मुख्य सचिव को भी भेजी गई है।
प्रदेश के अन्य जिलों में भी पिछले कुछ दिनों से पराली जलाने की घटनाएं बढ़ी हैं। इसका असर वायु गुणवत्ता पर भी दिख रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, जालंधर का एक्यूआई 158 दर्ज किया गया। अमृतसर में यह 123, मंडी गोबिंदगढ़ में 153 और खन्ना में 94 रहा।
अधिकारियों के जवाब से असंतुष्ट
आयोग इससे पहले भी अमृतसर के डीसी व एसएसपी और तरनतारन के एसएसपी को नोटिस जारी कर चुका है। अधिकारियों के जवाब से संतुष्ट नहीं होने के कारण आयोग ने दोबारा जवाब मांगा है। नोटिस में कहा गया है कि निर्देशों के बावजूद दोनों जिलों में पराली जलाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। पिछले साल के मुकाबले इन मामलों में बढ़ोतरी चिंताजनक है। आयोग ने अधिकारियों से स्पष्ट करने को कहा है कि पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।
संतोषजनक जवाब न मिलने पर होगी कार्रवाई
आयोग ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है। इससे पहले आयोग की टीम पंजाब आकर दोनों जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर चुकी है। इस दौरान जमीनी स्तर पर पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की गई थी।
हरियाणा के प्रमुख शहरों की हवा भी खराब
हरियाणा के प्रमुख शहरों में भी वायु गुणवत्ता चिंताजनक बनी हुई है। अंबाला का एक्यूआई 285 दर्ज किया गया। भिवानी में यह 112, चरखी दादरी में 178, फरीदाबाद में 115, गुरुग्राम में 246, कुरुक्षेत्र में 258, मानेसर में 211, रोहतक में 174 और यमुनानगर में 208 रहा।