जीत के बाद जश्न मनाते एबीवीपी के कार्यकर्ता
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बिढान के इस बयान से साफ है कि एबीवीपी इस जीत को छात्र राजनीति के साथ-साथ व्यापक राजनीतिक संदेश के रूप में भी देख रही है। चुनाव से ठीक पहले एसओआई (स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया) ने भी अंकित बिढान को अपना समर्थन दिया है।
लगातार दूसरी बार पीयू में अध्यक्ष बना एबीवीपी प्रत्याशी
बता दें कि बीते साल हुए छात्र संघ चुनाव में भी एबीवीपी प्रत्याशी गौरव वीर सोहल अध्यक्ष पद का चुनाव जीता था। यह पीयू में एबीवीपी की पहली जीत थी। गौरव वीर सोहल को 3148 वोट मिले थे। उन्होंने स्टूडेंट फ्रंट के सुमित शर्मा को 488 वोटों के अंतर से हराया था। वहीं, इस बार एबीवीपी के अंकित बिढान ने जीत हासिल की है। लगातार दूसरी बार जीत हासिल करने के बाद एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया।
जीत के बाद अरमान सिंह को कंधे पर उठाते पार्टी कार्यकर्ता
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राज्यसभा सांसद सतनाम बोले-एबीवीपी की बड़ी जीत
पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस स्टूडेंट्स काउंसिल चुनाव में अध्यक्ष पद पर एबीवीपी उम्मीदवार अंकित बिधान की जीत को राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू ने पंजाब के युवाओं में भाजपा के प्रति बढ़ते भरोसे का संकेत बताया है। उन्होंने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी में लगातार दूसरी बार एबीवीपी उम्मीदवार का अध्यक्ष चुना जाना महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश है।
संधू ने कहा कि विश्वविद्यालय के छात्रों ने अपने जनादेश से युवाओं की राजनीतिक सोच को लेकर बनाए जा रहे भ्रम को दूर किया है। उन्होंने कहा कि आज का युवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ मजबूती से खड़ा है। युवा अपने बेहतर भविष्य की संभावनाएं विकास, रोजगार और नए अवसरों में देख रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी लंबे समय से पंजाब और चंडीगढ़ के युवाओं के विचार-विमर्श का प्रमुख केंद्र रही है। ऐसे में यहां का चुनाव परिणाम कैंपस से बाहर भी संदेश देता है कि पंजाब का युवा निराशा और टकराव की राजनीति के बजाय प्रगति, निवेश, नवाचार और समृद्धि चाहता है।