पठानकोट के डडवाल गांव में खड्ड और रजवाहे के पुल लिए की गई खुदाई।
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पठानकोट में सिंचाई विभाग की ओर से किसानों को पानी उपलब्ध कराने के लिए बनाए जा रहे रजवाहों के निर्माण में बड़े पैमाने पर अवैध खनन के आरोप सामने आए हैं। डडवाल क्षेत्र में जैनी से कानपुर जाने वाले नंबर-3 रजवाहे के निर्माण के दौरान की गई खुदाई को लेकर स्थानीय लोगों ने ठेकेदार और प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि रजवाहे की आड़ में करोड़ों रुपये का कच्चा माइनिंग मटीरियल निकालकर क्रशर मालिकों को बेचा गया।
आरोपों की सूचना मिलते ही माइनिंग विभाग और पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन विभागीय कार्रवाई से पहले ही ऑपरेटर भारी मशीनरी और टिप्पर छोड़कर फरार हो गए। सोमवार को विजिलेंस विभाग की टीम ने भी नंबर-2 और नंबर-3 रजवाहे की जांच की।
खड्ड में बिना अनुमति खुदाई का आरोप
डडवाल निवासी नत्था सिंह और सुखदेव सिंह ने बताया कि नंबर-3 रजवाहे के लिए इरिगेशन विभाग के पास खड्ड में खुदाई की कोई अनुमति नहीं थी। इसके बावजूद पुलिया के पास से करीब 25 फीट गहराई तक माइनिंग मटीरियल निकाला गया। साथ ही खड्ड को 6 से 7 फीट तक और करीब 200 मीटर लंबाई में चौड़ा कर दिया गया। उन्होंने बताया कि रविवार को जैसे ही माइनिंग विभाग और पुलिस को बुलाया गया, टिप्पर चालक लोड किया गया मटीरियल वहीं पलटकर फरार हो गया, जबकि पोकलेन मशीन को भी खड्ड से बाहर निकाल लिया गया। स्थानीय लोगों ने खुदाई और टिप्परों की आवाजाही की वीडियो भी बना रखी है।
18 करोड़ की परियोजना पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर एक रजवाहे में इस स्तर पर अनियमितताएं सामने आ रही हैं तो अन्य रजवाहों की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से पांच रजवाहों का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें अलग-अलग चरणों में कई ठेकेदार बदले गए हैं। इनमें माधोपुर से कानपुर, पुल नंबर-4 क्षेत्र, जैनी से कानपुर (2.93 करोड़), राजपुरा से रानीपुर और जंदरई से मनवाल तक के रजवाहे शामिल हैं।
विभाग आमने-सामने
माइनिंग विभाग के एसडीओ गुरमुख ने बताया कि गांव डडवाल में अवैध खनन के संकेत मिले हैं। इरिगेशन विभाग को खुदाई से संबंधित अनुमति के दस्तावेज पेश करने के लिए बुलाया गया है। यदि जांच में अनियमितता पाई गई तो संबंधित विभाग और ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विजिलेंस विभाग ने भी दो रजवाहों की मौके पर जांच कर तथ्य जुटाए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।