पंजाब सरकार ने सरकारी कामकाज में सुधार करते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य स्तर पर सभी पुराने लंबित केस खत्म कर दिए गए है। मुख्यमंत्री ने 29 मई 2025 को फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल को नए सिरे से शुरू किया था। इस पोर्टल ने निवेशकों के लिए काम करना बेहद आसान बना दिया है।
पंजाब ने पुराने लंबित मामलों में 90% से ज्यादा की कटौती की है। फरवरी 2025 में समय पर पूरे न होने वाले आवेदन 8,075 थे, जो अब घटकर सिर्फ 283 रह गए है - यानी 96% की कमी। इसी तरह, जिला स्तर पर लंबित केस फरवरी 2025 में 833 थे, जो अब सिर्फ 17 रह गए है। इसका मतलब है कि 98% मामले साफ हो चुके है।
सबसे बड़ी कामयाबी राज्य स्तर पर मिली है। फरवरी 2025 में 166 पुराने केस थे, जो अब पूरी तरह खत्म हो गए है। अब हर काम के लिए ज़्यादा से ज़्यादा 45 दिन का समय तय किया गया है। साथ ही, अगर समय पर जवाब नहीं आता तो आवेदन अपने आप मंजूर हो जाता है। जो आवेदक जवाब नहीं देते, उनकी फाइलें बंद कर दी जाती है। अगर किसी को मंजूरी नहीं मिलती तो वो ऊपर शिकायत भी कर सकता है।
फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल से 21,700 करोड़ रुपये की परियोजनाएं आई है। यह 2024 के मुकाबले 167% और 2023 के मुकाबले 110% ज़्यादा है। परियोजनाओं के आवेदन भी तेजी से बढ़कर 950 हो गए है, जो साल भर में 76% की बढ़त दिखाता है।
पिछले 4 महीनों में 17,006 सेवा आवेदन समय पर (87%) और 4,884 लाइसेंस आवेदन समय पर (81%) मंजूर हुए है। पंजाब राइट टू बिजनेस कानून (RTBA) के तहत अब 125 करोड़ रुपये तक के निवेश वाली परियोजनाओं को बहुत जल्दी मंजूरी मिलती है। मंजूर औद्योगिक पार्कों में 5 दिन और बाहर 15-18 दिन में सिद्धांत रूप में मंजूरी मिल जाती है, वो भी सिर्फ अपनी घोषणा के आधार पर।
अब तक 112 आवेदन आए है, जिनमें से 85 (76%) मंजूर हो चुके है। इनमें 7 ऐसे हैं जो अपने आप मंजूर हो गए, बाकी 34 पर काम चल रहा है। राजस्व विभाग ने देश में पहली बार CRO ऑनलाइन सेवा शुरू की है। इससे जमीन की व्यवहार्यता का सर्टिफिकेट ऑनलाइन मिल जाता है। 134 आवेदनों में से 78 (50%) मंजूर हो चुके है, बाकी पर काम चल रहा है।
चालू साल (अप्रैल-सितंबर 2025) में 1,295 प्रोजेक्ट के आवेदन आए है। इनसे 29,480 करोड़ रुपये का निवेश और 67,672 नौकरियां मिलेंगी। मार्च 2022 से अब तक सरकार ने 7,414 प्रोजेक्ट आकर्षित किए है, जिनसे 1.29 लाख करोड़ रुपये का निवेश और करीब 4.6 लाख नौकरियां मिलेंगी।