पंजाब के पंचायत समिति व जिला परिषद चुनाव में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (आप) ने बड़ी जीत दर्ज की है। 50 प्रतिशत सीटें जीतकर आप चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनी है। साथ ही शिरोमणि अकाली दल (शिअद) को भी चुनाव से संजीवनी मिली है।
सीएम भगवंत मान के पैतृक गांव सतौज में ब्लॉक समिति चुनाव के धरमगढ़ जोन से आप प्रत्याशी हरविंदर पाल ऋषि ने जीत दर्ज की है। वहीं संगरूर से आप विधायक नरिंदर कौर भराज के जद्दी गांव भराज से आप के जिला परिषद प्रत्याशी हार गए जबकि पूर्व वित्तमंत्री परमिंदर सिंह ढींडसा के जद्दी गांव ऊभावाल से अकाली दल पुनर्गठित समर्थित आजाद प्रत्याशी शिंदरपाल सिंह चुनाव जीते हैं। स्पीकर कुलतार सिंह संधवां के गांव आप प्रत्याशी को हार का मुंह देखना पड़ा। पंचायत समिति के 8098 और जिला परिषद के लिए 1249 उम्मीदवार मैदान में थे। मतगणना के दौरान विपक्ष ने कई जगहों पर आम आदमी पार्टी पर धक्केशाही का आरोप लगाया है। अकाली दल ने आरोप लगाया कि शिअद के विजेता उम्मीदवारों को साजिश के तहत हराया गया है वहीं आप ने भी कुछ सीटों पर हार के बाद दोबारा मतगणना की मांग की।
जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों में पार्टी को बड़ा जनादेश देकर पंजाब के लोगों ने आप सरकार के शासन और नीतियों में विश्वास जताया है। जिस तरह के नतीजे आ रहे हैं, उससे आम आदमी पार्टी के पक्ष में एकतरफा जनादेश साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। पंचायत समिति के 867 जोन में पार्टी आगे हैं। पार्टी नेताओं, विधायकों, उम्मीदवारों और खासतौर पर समर्पित कार्यकर्ता को बधाई। यह जीत जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत का नतीजा है। -अमन अरोड़ा, प्रधान, आप पंजाब।
आम आदमी पार्टी ने चुनाव को प्रभावित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया। इस बीच कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की मेहनत से जो नतीजे आएं हैं उससे मैं संतुष्ट हूं। जिस तरह से चुनाव में धक्केशाही हुई है उसे ध्यान में रखते हुए चुनाव के नतीजों से कोई ज्यादा हैरानी नहीं हुई है। सत्तापक्ष की तरफ से विपक्ष के उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल नहीं करने दिया गया। उम्मीदवारों को धमकाया गया लेकिन बावजूद इसके कांग्रेस ने चुनाव लड़ा और काफी सीटों पर जीत दर्ज की। असल मुकाबला विधानसभा चुनाव में होगा जिसमें पंजाब के लोग आप को सत्ता से बाहर करेंगे। -अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, प्रधान, पंजाब कांग्रेस।
सरकार ने चुनाव में धक्का किया है जिसका वर्ष 2027 में लोग जवाब देंगे। उम्मीदवारों के हस्ताक्षर तक नहीं करवाए गए और नतीजे जारी कर दिए गए। नतीजों को बदला गया है और इससे अधिक धक्केशाही क्या हो सकती है। आप को भाजपा से डर लगने लगा है जिस कारण ही चुनाव में धक्का किया गया। -प्रितपाल सिंह बलियावाल, प्रवक्ता, पंजाब भाजपा।