4 जनवरी 2017 को दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की राजिंदर पाल सिंह से मुलाकात के बाद सुखबीर बादल ने मीडिया में संगठन को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
चंडीगढ़ जिला अदालत ने वर्ष 2017 के मानहानि मामले में पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए हैं।
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यह आदेश बुधवार को एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट राहुल गर्ग की अदालत ने उनकी अनुपस्थिति के चलते पारित किया। अदालत ने पहले दी गई जमानत रद्द करते हुए वारंट जारी किए हैं। मामले की अगली सुनवाई 9 जनवरी 2026 को होगी।
यह मामला धार्मिक संगठन अखंड कीर्तनी जत्थे के प्रवक्ता राजिंदर पाल सिंह की ओर से दायर किया गया था। आरोप है कि 4 जनवरी 2017 को दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की राजिंदर पाल सिंह से मुलाकात के बाद सुखबीर बादल ने मीडिया में संगठन को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने जत्थे को आतंकवादी संगठन का राजनीतिक चेहरा बताया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस बयान से संगठन की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा। गौरतलब है कि सुखबीर बादल की याचिका को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पहले ही खारिज कर चुका है।