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'खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं': आप सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा में बोलने न देने पर दी प्रतिक्रिया

Fri, 03 Apr 2026 10:18 AM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

आम आदमी पार्टी ने गुरुवार को राज्यसभा में राघव चड्ढा की जगह उद्योगपति से सांसद बने अशोक मित्तल को पार्टी का नया उपनेता नियुक्त किया था। इसके बाद से राजनीति गरमा गई है। 
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राघव चड्ढा - फोटो : x @raghav_chadha
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विस्तार
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आम आदमी पार्टी ने अपने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को गुरुवार को बड़ा झटका देते हुए उन्हें उच्च सदन में पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया था। साथ ही उन्हें सदन में बोलने के लिए समय आवंटित न करने का भी आग्रह किया था। 
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अब इस फैसले पर राघव चड्ढा ने प्रतिक्रिया दी है। चड्ढा ने एक्स पर लिखा-खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं। 

आखिर मेरे बोलने से किसी को क्या दिक्कत

राघव चड्ढा ने कहा कि मुझे जब भी राज्यसभा में बोलने का माैका मिलता है तो मैंने आम आदमी से जुड़े मुद्दों को ही उठाया है। क्या मैं गलत करता हूं। कोई मेरे बोलने पर रोक क्यों लगाना चाहता है। आखिर इन मुद्दों को उठाने से आम आदमी पार्टी का क्या नुकसान हुआ? आखिर क्यों कोई मुझे बोलने से रोकना चाहेगा। आम आदमी को मेरा साथ देने के लिए शुक्रिया। मैं आप से हूं और आपके लिए हूं। जिन्होंने मुझे बोलने से रोका है उन्हें मेरा संदेश है-मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना, मैं वो दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।  

क्या है मामला

आम आदमी पार्टी ने सांसद राघव चड्ढा की जगह अब अशोक मित्तल को राज्यसभा में उपनेता नियुक्त किया है। पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को सूचित किया है कि चड्ढा को संसद में बोलने के लिए समय न दिया जाए। 

इसके कुछ समय बाद राघव चड्ढा ने एक्स पर एक वीडियो साझा किया। वीडियो में उच्च सदन में उनके हस्तक्षेप थे, जिसे "बुरी नजर" कैप्शन दिया गया। 

 
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राजनीति भी गरमाई 

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाए जाने के मुद्दे पर दिल्ली भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इस फैसले को पार्टी के अंदरूनी संकट और नेतृत्व की कमजोरी का संकेत बताया है। सचदेवा ने अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि वह एक कमजोर नेता हैं, जिनमें न तो विपक्ष का सामना करने का साहस है और न ही अपनी पार्टी के भीतर उठ रहे असंतोष से निपटने की क्षमता है।

सचदेवा ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को अपने संसदीय दल का नेता चुनने का अधिकार है, लेकिन जिस तरह राघव चड्ढा को न केवल राज्यसभा में उपनेता पद से हटाया गया, बल्कि उन्हें सदन में बोलने का समय न देने का अनुरोध भी किया गया, यह असामान्य और चिंताजनक है। यह कदम इस बात की ओर इशारा करता है कि चड्ढा ने अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व से दूरी बना ली है। उन्होंने कहा कि पहले स्वाति मालीवाल और अब राघव चड्ढा जैसे प्रमुख नेता केजरीवाल से दूरी बना चुके हैं, जो पार्टी के लिए गंभीर संकेत है।
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