पंजाब की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नए साल का तोहफा मिल सकता है। सरकार की तरफ से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मेहनताना (वेतन) और मोबाइल भत्ता बढ़ाने की तैयारी है। इसके लिए अधिकारियों की अहम बैठक भी हुई है।
पंजाब में आंगनबाड़ी वर्करों का मेहनताना और मोबाइल भत्ता बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। वर्करों को एक महीने की इमरजेंसी लीव का लाभ भी मिल सकता है जबकि मूल काम के अलावा वर्करों से कोई अतिरिक्त काम भी नहीं लिया जाएगा। पंजाब सरकार के अफसरों के साथ आंगनबाड़ी यूनियन के प्रतिनिधिमंडल की बैठक के दौरान यह सहमति बनी है।
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सर्व आंगनबाड़ी यूनियन पंजाब की अध्यक्ष बरिंदरजीत कौर छीना के नेतृत्व में हरप्रीत कौर, कंवलजीत कौर, गुरजिंदर कौर समेत अन्य का एक प्रतिनिधिमंडल चंडीगढ़ में विभिन्न अफसरों से मिला। इस बैठक के दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। वर्करों ने अफसरों से आग्रह किया कि सुपरवाइजर की भर्ती में शैक्षणिक योग्यता देखी जाए और 10वीं व बीए दोनों कैटेगरी में किसी को नजरअंदाज न किया जाए।
इस दौरान मेहनताना व मोबाइल भत्ता दोगुना करने के मुद्दे पर सहमति बनी। मोबाइल भत्ता 2000 से 4000 रुपये करने की सिफारिश की गई। एडिशनल चार्ज वाली वर्कर को नए साल में मोबाइल भत्ते और सीबीई का पैसा दिया जाएगा। अफसरों ने वर्करों को बताया कि विभाग ने डीपीओ को हर सेंटर पर फर्नीचर के लिए 10 हजार रुपये जारी कर दिए हैं।
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अफसरों ने बताया कि इस पर विचार किया जा रहा है कि इमरजेंसी लीव के तहत 20 छुट्टियों के अलावा पेड लीव के इंक्रीमेंट में कोई कमी न की जाए। इस दौरान एक महीने की इमरजेंसी लीव पर सहमति जताई गई। सीबीई में कटौती पर अफसरों ने इस बाबत केंद्र सरकार से बात करने का आश्वासन दिया।