आम आदमी पार्टी के नशा मुक्ति मोर्चा के मुख्य प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने कहा कि जब तक पंजाब पूरी तरह नशा मुक्त नहीं हो जाता, तब तक सरकार की जंग जारी रहेगी। बुधवार को प्रेसवार्ता में उन्होंने बताया कि नशा विरोधी अभियान के दूसरे चरण में प्रदेशभर में 9 हजार से अधिक पदयात्राएं निकाली गईं, जिनमें करीब एक लाख कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
पन्नू ने कहा कि आप नशे के विरूद्ध जागरूकता फैलाने के लिए पंजाब के हर गांव और वार्ड में पहुंची है। लोगों से कसम दिलाई गई कि वे न तो नशा तस्करी करेंगे और न ही नशा तस्करों का साथ देंगे, जिसमें उनकी जमानत के लिए गारंटर बनने से मना करना भी शामिल था। उन्होंने कहा कि इस पड़ाव का बहुत साकारात्मक प्रभाव पड़ा है और पंजाब के लोग इस लहर का सक्रिय रूप से समर्थन कर रहे हैं।
हाल की रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले तीन साल में एनडीपीएस मामलों में पंजाब का कन्विक्शन रेट लगभग 85 प्रतिशत रहा है, जो अब तक का सबसे ज़्यादा है। इस कामयाबी में लोगों की जागरूकता और सहयोग ने अहम भूमिका निभाई है, जिससे मुहिम का पहला पड़ाव स्पष्ट रूप से सफल रहा।
पन्नू ने बताया कि अभियान को प्रभावी बनाने के लिए नशा मुक्ति मोर्चा की टीम को माझा, दोआबा और मालवा के पांच जोनों में विभाजित किया गया है। नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से हर गांव और वार्ड तक पहुंच बनाई जा रही है। लोगों से शपथ दिलाई जा रही है कि वे न तो नशा करेंगे और न ही नशा तस्करों का समर्थन करेंगे। उन्होंने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि दोआबा में 1969, माझा में 1930, मालवा केंद्रीय में 1395, मालवा पूर्वी में 2167 और मालवा पश्चिमी में 1618 पदयात्राएं आयोजित की गईं। पन्नू ने बताया कि नशा तस्करों की सूचना देने के लिए एक समर्पित मोबाइल ऐप पूरी तरह सक्रिय है, जिसका उपयोग केवल मोर्चा के सदस्य कर सकते हैं।
पन्नू ने बताया कि निरंतर जागरूकता की कोशिशों के तहत, राज्य में बड़े पैमाने पर पदयात्राएं की जा रही हैं। ब्लॉक स्तर के इंचार्ज नियुक्त किए गए हैं, ब्लॉक और ज़िला स्तर के वॉलंटियर्स के साथ रोज़ कोऑर्डिनेशन कॉल की जाती हैं, हर दिन काम सौंपे जाते हैं और अगले दिन उनका रिव्यू किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस तरह हमारी टीमें व्यवस्थित तरीके से नशों के खिलाफ लड़ रही हैं।
दूसरे पड़ाव में 'पिंड दे पहरेदार' नाम से डिफेंस कमेटियां बनाई गई हैं, जिनसे एक लाख से ज़्यादा वॉलंटियर पहले ही जुड़ चुके हैं। ये वॉलंटियर पूरे पंजाब में गांवों, कस्बों और वार्डों में एक्टिव रूप से पदयात्राएं कर रहे हैं।