दवाई खाने के लिए पानी की जगह दी बर्फ
कौर ने बताया कि हिरासत के दौरान उन्हें चिप्स और कुकीज ही खाने को दिए गए। दोनों घुटनों का ऑपरेशन होने बावजूद मुझे 60 से 70 घंटे तक बिना बिस्तर के फर्श पर सोना पड़ा। दवाई खाने के लिए मुझे पानी की जगह पर सिर्फ बर्फ दी जाती थी। अब वहां मेरे बच्चे कुछ न कुछ करेंगे। मैं कुछ नहीं कर सकती।
तीन दशक पुराना संघर्ष
हरजीत कौर 1991 में अपने दो बेटों के साथ कैलिफोर्निया गई थीं और वहीं बस गईं। इस दौरान उन्होंने कई बार शरण के लिए आवेदन किया, पर हर बार असफल रहीं। मामला नौवें सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स तक पहुंचा, लेकिन हर अपील खारिज हुई। 19 सितम्बर को उन्हें जॉर्जिया स्थित हिरासत केंद्र में रखा गया और 22 सितम्बर को भारत निर्वासित कर दिया गया। उन्हें अपने अमेरिकी घर या परिजनों से ठीक से विदाई लेने का मौका भी नहीं मिला।
भारत सरकार का रुख
विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि जनवरी 2025 से अब तक अमेरिका से 2,417 भारतीय नागरिकों को निर्वासित या वापस भेजा गया है। मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा कि भारत अवैध प्रवासन के खिलाफ है। हम चाहते हैं कि लोग कानूनी रास्तों से विदेश जाएं। जब भी किसी देश से हमारे नागरिकों की पहचान की पुष्टि होती है, हम उन्हें वापस लेने के लिए तैयार रहते हैं।