पंजाब में मोटापा तेजी से गंभीर समस्या बनता जा रहा है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार राज्य के 57 प्रतिशत लोग पेट के मोटापे यानी तोंद की समस्या से जूझ रहे हैं जबकि 39 प्रतिशत लोग सामान्य मोटापे का शिकार हैं। खराब खानपान और निष्क्रिय जीवनशैली इसके मुख्य कारण बताए गए हैं।
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार शहरी पंजाबियों का खानपान तेजी से बिगड़ा है। पिछले 12 वर्षों में प्रति व्यक्ति रोजाना फैट का सेवन 11.7 ग्राम बढ़ा है। वर्ष 2011-12 में यह 69.2 ग्राम था जो 2023-24 में बढ़कर 80.9 ग्राम हो गया। गांवों में भी फास्ट फूड का चलन बढ़ने से फैट का सेवन 75.4 ग्राम प्रतिदिन तक पहुंच गया है।
अधिक फैट सेवन से वजन तेजी से बढ़ता है जिससे कई बीमारियां जन्म लेती हैं। मोटापे के कारण उच्च रक्तचाप, हृदय और गुर्दे से जुड़ी समस्याएं बढ़ती हैं। कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने से स्ट्रोक का खतरा रहता है। साथ ही मोटापा मधुमेह का बड़ा कारण बन रहा है क्योंकि अतिरिक्त वजन शरीर में इंसुलिन के संतुलन को प्रभावित करता है।