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पंजाब में बाढ़ से 51 मौतें: अब घट रहा पानी, लेकिन बढ़ने लगा खतरा, 3.87 लाख पंजाबियों के आगे ये हैं चुनौतियां

Tue, 09 Sep 2025 03:57 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

Punjab Flood: पंजाब में बाढ़ से अबतक 51 लोगों की जान जा चुकी है। हालांकि अब बाढ़ का पानी कम होने लगा है, लेकिन लोगों के लिए खतरा कम नहीं हुआ है। क्योंकि अब आने वाले दिनों में बाढ़ ग्रस्त इलाकों में रहने वाले लोगों को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।  
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punjab floods - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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पंजाब में बीते कई दिनों से बाढ़ से त्रासदी से गुजर रहा है। प्रदेश में बाढ़ के कारण मौतों की संख्या बढ़कर 51 हो गई है। इसी तरह 15 जिलों में 3.87 लाख लोग व 1.84 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसल बाढ़ के कारण प्रभावित हुई है। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सेना ने लगभग 30 हेलिकॉप्टर लगाए हैं जबकि बीएसएफ, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें जमीनी स्तर पर सहायता प्रदान कर रही हैं। 

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बीते दो से तीन दिन में बारिश न होने की वजह से पानी का स्तर कम हो रहा है। हालांकि अभी भी लोगों के लिए मुश्किलें और आने वाले समय में चुनौतियां कम नहीं हैं। क्योंकि पानी सूखने के बाद महामारी फैलने का खतरा बना हुआ है।  

पंजाब सरकार की तरफ से बाढ़ के कारण को लेकर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। पानी कम होने के साथ ही सर्वे में नुकसान भी बढ़ता जा रहा है। राज्य ने केंद्र सरकार को पूरे नुकसान की फाइनल रिपोर्ट सबमिट करनी है।
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पंजाब में बाढ़ ग्रस्त कई गांवों में पानी का स्तर कम हो रहा है, लेकिन खतरा टला नहीं है। इन गांवों में बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। वहीं, अब भी बहुत से गांव पूरी तरह से पानी में डूबे हैं। ऐसे में उन गांव में रह रहे लोगों के बीच कई तरह के संक्रमण फैलने की आशंका है। लोगों में चमड़ी संबंधी कई तरह के रोग भी पनप रहे हैं जिसके चलते जिला प्रशासन की ओर से भी लगातार उन इलाकों में मेडिकल कैंप लगाकर लोगों की जांच की जा रही है। डॉक्टरों की टीमों को बाढ़ ग्रस्त गांवों में नाव, ट्रैक्टर-ट्रॉली आदि के जरिये ले जाया रहा है ताकि लोगों का इलाज हो सके और किसी भी तरह की बड़ी बीमारी के खतरे को टाला जा सके।

सैकड़ों मवेशी मर चुके
विशेषज्ञों के मुताबिक जिन इलाकों में पानी भरा हुआ है अगर वह जल्द ही नहीं निकलता तो वहां मच्छर व मक्खी आदि पनपने शुरू हो जाएंगे। उन क्षेत्रों में डेंगू, मलेरिया, हैजा आदि फैलने का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा पानी में बह जाने के कारण सैकड़ों मवेशी भी मर चुके हैं। उनके शवों से भी बीमारियां फैलने का खतरा है।

साझा प्रयास योजना शुरू
पंजाब के अमृतसर में डीसी साक्षी साहनी ने बताया कि जिला प्रशासन ने पीड़ितों के लिए साझा प्रयास योजना शुरू की है। इसके तहत प्रभावितों को मदद दी जाएगी। लोगों के पुनर्वास के लिए जिला प्रशासन काम करेगा। बाढ़ से जो लोग बेघर हो गए हैं, उन्हें योजना के अंतर्गत दानदाताओं और सामाजिक संगठनों के माध्यम से मदद पहुंचाई जाएगी। जिनके घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और जिनके छोटे व्यापार भी बंद हो गए हैं, ऐसे ही परिवारों की सहायता के लिए इस अभियान की शुरुआत की गई है। यह योजना छह महीने तक चलेगी।

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