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Video: पाकिस्तान जाने से बच गए 50 भारतीय; सतलुज दरिया के पानी में बह गई नाव, फिरोजपुर बॉर्डर पर कैसे बचाए लोग?

Mon, 11 Aug 2025 08:51 PM IST
अंकेश ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजपुर/ममदोट

सार

फिरोजपुर में पाकिस्तान के साथ लगते बार्डर एरिया पर सतलुज दरिया में नाव सवार 50 भारतीय पाकिस्तान जाने से बचा लिए गए। सतलुज दरिया में पानी के तेज बहाव में नाव पाकिस्तान की तरफ बह रही थी। 
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नाव में सवार लोग। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब के फिरोजपुर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर सतलुज दरिया में पानी का बहाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। ऐसे में सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। क्योंकि सतलुज दरिया के उस पार किसानों के खेत हैं और किसान नाव पर सवार होकर दरिया के उस पार जाते हैं। सोमवार को ऐसी घटना हुई कि 50 भारतीय पाकिस्तान जाने के बच गए। 

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बॉर्डर एरिया के गांव गजनी वाला (दोना मत्तड़) की तरफ सतलुज दरिया में बड़ी नाव बेकाबू होकर पाकिस्तान की तरफ जाने लगी। उसी समय छोटी नाव पर सवार ग्रामीणों ने रस्सी फेंक बड़ी नाव को काबू कर मुश्किल से बचाया। नाव पर तकरीबन 50 ग्रामीण सवार थे। ये सभी ग्रामीण दरिया पार अपने खेतों में काम कर सोमवार शाम को अपने गांव लौट रहे थे। इस दौरान नाव बेकाबू हो गई। इससे पहले की सभी लोग नाव समेत पाकिस्तान पहुंच जाते इन्हें बचा लिया गया। उल्लेखनीय है कि पहाड़ों पर लगातार बारिश होने से सतलुज दरिया में पानी का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ गया है।

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ममदोट के ग्रामीण जोगिंदर सिंह ने बताया कि गांव राजा राय, गजनी वाला व अन्य गांव के ग्रामीणों की सतलुज दरिया पार पाकिस्तान के साथ लगभग 4000 एकड़ जमीन है। जिस पर धान, सब्जी और पशुओं का हरा चारा लगाया हुआ है। ग्रामीण रोजाना बड़ी नाव पर सवार होकर दरिया पार अपने खेतों में कामकाज करने जाते हैं। शाम को पशुओं को हरा चारा, सब्जी व कृषि यंत्र लेकर नाव के जरिये अपने गांव लौटते हैं। 

सोमवार शाम को दरिया के दूसरी तरफ से बड़ी नाव पर लगभग 50 ग्रामीण सवार होकर गांव गजनी वाला की तरफ आ रहे थे। दरिया में पानी का स्तर बढ़ने के कारण बड़ी नाव बेकाबू हो गई। नाव पाकिस्तान की तरफ बहने लगी। दरिया के इस तरफ खड़े ग्रामीणों ने बड़ी नाव को बेकाबू होते देख छोटी नाव के जरिये उस तक पहुंच किसी तरह नाव में सवार लोगों को रस्सी पकड़वाई। किनारे पर खड़े ग्रामीणों ने नाव को अपनी तरफ मोड़कर खींचा। इस तरह नाव को किनारे पर लाया गया। यदि ग्रामीण रस्सी न पकड़वाते बड़ी नाव पाकिस्तान की तरह बह जाती, क्योंकि पानी का बहाव बहुत तेज था। 
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बता दें कि हुसैनीवाला हैंड से सतलुज दरिया जब पाकिस्तान की तरफ बहता है तो गांव राजा राय की ओर से फिर यह भारत की सीमा में प्रवेश करता है। इसी जगह पर बड़ी नाव थी। इससे थोड़ी दूरी पर दरिया दोबारा पाकिस्तान की तरफ चला जाता है। यदि नाव पर काबू न पाते तो पाकिस्तान में प्रवेश कर जाती। पलटने की भी संभावना थी।

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