22 साल का स्वराज सिंह बना गांव का सरपंच।
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पंजाब में हाल ही में पंचायत चुनाव संपन्न हुए हैं। राज्य में 15 अक्तूबर को पंचायत चुनाव हुए थे। प्रदेश में 9398 पंचायतों के सरपंच और पंच चुने जा चुके हैं। वहीं पंजाब का सबसे युवा सरपंच मोगा जिले में चुना गया है। मोगा के गांव गलौटी में 22 साल का युवक सरपंच बना है। सरपंच चुने गए 22 वर्षीय स्वराज सिंह विदेश में पढ़े हैं।
खास बात यह है कि गांव के लोगों ने सर्वसम्मति से पंचायत का चुनाव किया है। लोगों ने स्वराज सिंह के हाथ में गांव की बागडोर थमाई है। लोगों का कहना है कि उन्होंने आपसी सहमति से स्वराज को सरपंच चुना है। वहीं युवा सरपंच स्वराज सिंह का मकसद भी लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरना है।
पढ़ाई पूरी कर इसी साल गांव लौटा स्वराज
मोगा के गांव गलौटी के रहने वाले स्वराज सिंह ने सरपंच चुने जाने पर खुशी जताते हुए लोगों का धन्यवाद किया है। उन्होंने बताया कि वह कनाडा के शहर ओंटारियो के लेबटन कॉलेज से पढ़े हैं। स्वराज ने वहां से इंटरनेशनल बिजनेस का कोर्स पूरा किया है। स्वराज सिंह आईलेट्स कर विदेश में पढ़ाई करने गए थे। वह इसी साल अपनी पढ़ाई पूरी कर गांव लौटे हैं। गांव वालों ने उनपर भरोसा जताया है कि वह अपनी पढ़ाई के अनुभव से गांव गलौटी का विकास करें।
अपने गांव को पंजाब का मॉडल गांव बनाऊंगा
स्वराज सिंह का कहना है कि उनका सपना है कि वह गांव का विकास करवाकर गांव की नुहार बदलें। जो काम आजतक गांव में कभी नहीं हुए उन्हें प्राथमिकता के तौर पर पूरा किया जाएगा। इसके अलावा गांवासियों की जो भी समस्याएं हैं उन्हें जल्द हल किया जाएगा। स्वराज ने कहा कि मुझे सर्वसम्मति से गांव के सभी लोगों ने एकजुट होकर सरपंच बनाया है। इसलिए मेरी कोशिश रहेगी कि अपने गांव को पंजाब का मॉडल गांव बनाया जाए।
पिता बोले- गांव वालों की उम्मीदों पर खरा उतरेगा बेटा
वहीं स्वराज के पिता ने बताया कि मुझे बेटे पर गर्व है। हम गांव के लोगों का धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने बेटे पर विश्वास कर उसे गांव का सरपंच बनाया है। मुझे पूरा विश्वास है कि जिस सोच के साथ गांव के लोगों ने स्वराज को ये जिम्मेदारी दी है उसमें वह पूरा तरह खरा उतरेगा और गांव के विकास में किसी तरह कि कोई कमी नहीं रहेगी।
हर दल ने किए ज्यादा प्रतिशत वोट के दावे
वहीं, सूबे में हुए पंचायत चुनावों में सभी राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी जीत के दावे किए हैं। आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस जहां आधे से ज्यादा पंचायतों में अपनी जीत का दावा कर रही है, वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का कहना है कि 45 प्रतिशत पंचायतों पर उनकी जीत हुई है।