राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि हिमालय पर्वत श्रृंखला के नीचे लगातार बढ़ रहा भूगर्भीय तनाव किसी भी समय 8 या उससे अधिक तीव्रता का भूकंप ला सकता है।
एनडीएमए के उपाध्यक्ष एम. शशिधर रेड्डी का कहना है कि ऐसे हालात में अगर हिमाचल प्रदेश में मंडी जैसे स्थान पर भी इतना तेज भूकंप आया तो उससे 200 किलोमीटर दूर चंडीगढ़ में 20 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो सकती है।
हिमालय क्षेत्र में भूगर्भीय हलचल का असर चंडीगढ़ से सटे चंडी कोटला में दिखाई देने लगा है जहां जमीन में आ रही दरारों से अब तक 40 से अधिक मकान ढह चुके हैं।
रेड्डी के अनुसार, अगर हिमालय के राज्यों जम्मू-कश्मीर से अरुणाचल प्रदेश तक किसी भी हिस्से में 8 की तीव्रता का भूकंप आया तो देश के इस क्षेत्र में आठ लाख से अधिक लोग मारे जा सकते हैं।
रेड्डी का कहना है कि 1950 के बाद अब तक कोई ऐसा भूकंप नहीं आया है। अध्ययनों से संकेत मिला है कि हिमालय क्षेत्र में धरती के नीचे लगातार बढ़ता तनाव 8 या उससे अधिक तीव्रता का भूकंप ला सकता है। इससे आठ से नौ लाख लोग जान गंवा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसा भूकंप कब और कहां आएगा, इसकेबारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। ऐसी परिस्थिति से निपटने के लिए उचित होगा कि भूकंप प्रतिरोधी व्यवस्था को विकसित करने पर काम किया जाए।
उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य से एनडीएमए ने हाल ही में आठ की तीव्रता के भूकंप आने की स्थिति से उत्पन्न होने वाले हालात से निपटने को लेकर तैयारियों का अभ्यास किया है। इससे पहले ऐसा अभ्यास राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए दिल्ली से कुछ 200 किलोमीटर दूर किया गया था। इसी क्रम में एनडीएमए बहुराज्य भूकंप केहालात से निपटने के लिए हिमाचल प्रदेश केमंडी जिले एक प्रोजैक्ट पर काम कर रहा है।