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जैतो में चाचा-भतीजा की गोली मारकर हत्या

Sun, 30 Mar 2014 10:46 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला,जैतो (फरीदकोट)
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गांव सेवेवाला गुमटी खुर्द में रविवार सुबह पुरानी दुश्मनी के चलते चाचा भतीजा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के समय मनिंदर सिंह (24)और उसका चाचा सुखपाल सिंह (42) अपने खेतों से घर लौट रहे थे। गांव से संबंधित दोनों पक्षों में कुछ समय से जमीन को लेकर दुश्मनी चल रही है।
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पिछले साल 9 अप्रैल को भी दोनों पक्षों की खूनी भिड़ंत में एक पक्ष का नौजवान मुखी रणजीत सिंह मारा गया था। रविवार की घटना को मृतक रणजीत सिंह के ही छोटे भाई गुरबख्श सिंह ने ही अपने साथियों की मदद से अंजाम दिया है। मरने वालों लोगों में रणजीत सिंह की हत्या के आरोपी चमकौर सिंह का भाई व भतीजा शामिल हैं।


जानकारी के मुताबिक रविवार सुबह करीब साढ़े 8 बजे मनिंदर सिंह और सुखपाल सिंह अपने खेत में चक्कर लगाकर बाइक से वापस लौट रहे थे। वह जैसे ही जैतो बठिंडा मुख्य मार्ग पर स्थित पेट्रोल पंप के पास पहुंचे तो वहा पहले से ताक में बैठे कार सवार लोगों ने उन पर धावा बोल दिया।
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पुलिस को दिए बयान में मृतक मनिंदर सिंह के पिता सोहन सिंह ने बताया कि आरोपियों ने पहले कार से बाइक को टक्कर मारी और बाद में उन पर पिस्टलों से ताबड़तोड़ गोलियों की बौछार कर दी। हमलावरों ने दोनों पर तकरीबन 15 गोलियां दागी और उनकी 12 बोर की राइफल लेकर फरार हो गए। मनिंदर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई जबकि सुखपाल सिंह ने बठिंडा के निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया।


डीएसपी जैतो सुखदेव सिंह बराड़ के अनुसार इस हमले में मनिंदर सिंह को 7 और सुखपाल सिंह को तीन गोलियां लगी। थाना जैतो पुलिस ने सोहन सिंह के बयान पर गुरबख्श सिंह, गुरशरणजीत सिंह, हरजिंदर सिंह, गिंदर सिंह, रूप सिंह, कुलवंत सिंह, गोल्डी, नछत्तर सिंह, रमन सिंह, स्वर्णजीत सिंह, सकत्तर सिंह समेत तीन-चार अज्ञात को नामजद करके कार्रवाई शुरू कर दी है।


पिछले साल 9 अप्रैल को दुश्मनी के चलते मृतकों के परिवारिक सदस्य चमकौर सिंह ने रणजीत सिंह की फरीदकोट के गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज में गोली मारकर हत्या कर दी थी। उस दिन रणजीत सिंह ने पहले जैतो शहर में चमकौर सिंह के परिवारिक सदस्यों को बुरी तरह काट डाला था और बाद में खुद भी अस्पताल में दाखिल हो गया था। दोनों पक्षों को शिअद में एक दूसरे के विरोधी आला नेताओं का काफी करीबी माना जाता है और किसी समय रणजीत सिंह के गुट ने जैतो व आसपास के क्षेत्र में खासी दहशत फैला रखी थी।

 
पुलिस की लापरवाही से हुई घटना
चाचा भतीजे की हत्या की घटना को स्थानीय पुलिस की लापरवाही माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से गुरबख्श सिंह ने अपने भाई रणजीत सिंह की हत्या का बदला लेने की तैयारी कर रखी थी और वह जेल में बंद अपने भाई के हत्यारोपी चमकौर सिंह व उसके परिवारिक सदस्यों पर जानलेवा हमले की ताक में था। चार दिन पहले ही जैतो पुलिस ने गांव भगतूआना से नाकाबंदी के दौरान एक वरना कार पकड़ी थी और इस कार में से पुलिस को एक विदेशी पिस्टल व जिंदा कारतूसों समेत शराब बरामद हुई थी। पुलिस के अनुसार रोके जाने पर कार सवार चार लोग उसे चकमा देकर फरार हो गए थे। इस केस को रविवार की घटना के साथ ही जोड़ कर देखा जा रहा है।
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