विजिलेंस ब्यूरो ने शुक्रवार को फरीदकोट के सिविल सर्जन डॉ. बलदेव सिंह सहोता को अपने विभाग के एक फार्मासिस्ट से 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
आरोपी सिविल सर्जन के खिलाफ भ्रष्टाचार रोक एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है और उन्हें शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
विजिलेंस ब्यूरो के अनुसार स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत फार्मासिस्ट जगसीर राम को कुछ माह पहले थाना सदर कोटकपूरा में दर्ज हुए एक आपराधिक मामले में नामजद किया गया था। गांव पक्का से संबंधित इस घटना में अवैध रूप से क्लिनिक चलाने वाले एक दंपति की लापरवाही से एक नवजात बच्चे की मौत हो गई थी।
बाद में इस मामले के शिकायतकर्ता ने डायरेक्टर हेल्थ को शपथपत्र देते हुए जगसीर राम को बेगुनाह करार दे दिया था। इस मामले में डायरेक्टर के आदेश पर फरीदकोट के सिविल सर्जन विभागीय पड़ताल कर रहे थे और पिछले दो माह से उन्होंने जांच रिपोर्ट पर हस्ताक्षर नहीं किए थे।
विजिलेंस को सौंपी शिकायत में फार्मासिस्ट जगसीर राम के अनुसार विभागीय जांच रिपोर्ट को उसके हक में तैयार करने के नाम पर सिविल सर्जन डॉ. सहोता ने उससे 50 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी और बाद में उनका 20 हजार रुपये में सौदा तय हो गया।
शिकायत के आधार पर विजिलेंस ब्यूरो फरीदकोट के डीएसपी भूपिंदर सिंह सिद्धू ने शुक्रवार शाम दो सरकारी गवाहों डिप्टी डीईओ (ए) धर्मवीर सिंह और प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के एसडीओ रघुवीर सिंह की हाजिरी में सिविल सर्जन कार्यालय में छापा मारा और सिविल सर्जन को जगसीर राम से वसूले 20 हजार रुपये समेत रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
डीएसपी भूपिंदर सिंह सिद्धू ने बताया कि आरोपी सिविल सर्जन के कार्यालय और आवास की भी तलाशी ली जा रही है और उनकी संपत्ति की भी पड़ताल की जाएगी।