पठानकोट में आशा महाजन हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मृतका के बेटे वरुण महाजन ने बताया कि हत्या की मुख्य वजह केवल लूट नहीं, बल्कि डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) चुराना था। आरोपी पूरी योजना के साथ आया था और अपने साथ चाकू व सरिया भी लाया था।
वरुण महाजन ने बताया कि उनकी मां को छत पर किसी के आने-जाने का संदेह था। उन्हें यह भी शक था कि आरोपी वरुण नशा तस्करी करता है और उनकी छत पर नशा छिपाने आता था। इस संदेह के चलते 20 दिन पहले उन्होंने घर में निगरानी कैमरे लगवाए थे। कुछ दिन पहले आरोपी वरुण उर्फ कालू ने घर की काम वाली महिला से कैमरों के बारे में पूछा था।
वरुण महाजन सुबह सात बजे दुकान पर गए थे। करीब आठ बजे आरोपी कूरियर बॉय बनकर घर आया। उसने आशा महाजन से कहा कि उनके बेटे ने कुछ सामान मंगवाया है। जब आशा फोन पर बेटे से कूरियर के बारे में पूछने लगी, तो आरोपी ने घर के अंदर के कमरे को बंद कर चाकू और लोहे के सरिए से उन पर वार कर हत्या कर दी।
वरुण का आरोप है कि आरोपी घर से कैमरों का डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर चुराने आया था। उसने महिला की बाजू से सोने की चूड़ियां भी उतार ली, ताकि इसे लूट की वारदात दिखाया जा सके। वरुण को साढ़े आठ बजे मां के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। घर पहुंचने पर उन्होंने अपनी मां को खून से लथपथ जमीन पर पड़ा पाया। पड़ोसियों ने भी बताया कि आरोपी नशा तस्करी करता है और खुद भी नशेड़ी है।
आराेपी दो दिन के रिमांड पर
थाना डिवीजन एक के प्रभारी दविंदर काश्नी ने बताया कि आरोपी वरुण उर्फ कालू को अदालत से दो दिन का रिमांड मिला है। आरोपी ने अभी तक पूछताछ में यही खुलासा किया है कि उसने लूट के इरादे से हत्या की है। पुलिस आरोपी से आगे की पूछताछ कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि वारदात में कोई और शामिल था या नहीं।