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रियाद में अब भी फंसे हैं 12 पंजाबी युवक

Thu, 01 May 2014 09:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, होशियारपुर
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नवंबर में सऊदी अरब में ड्राइवर की नौकरी करने गए 22 नौजवानों में से पांच युवक मंगलवार रात को वापस लौट आए। अभी तक 12 युवक भारत लौट आए हैं, 12 अभी वहीं फंसे हुए हैं।  
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वतन लौटे कपूरथला निवासी जनमीत सिंह, होशियारपुर निवासी जगजीत सिंह, गुरदेव सिंह निवासी गांव हमनेश, हिम्मत सिंह गांव बबरीनंगल, अर्जुन सिंह निवासी गांव तिब्बड़ व जगदीप सिंह निवासी गांव पीरदीसैन चारों जिला गुरदासपुर और मनप्रीत सिंह निवासी गांव चाचोवाली, अमृतसर ने पत्रकारों को बताया कि अब भी वहां 10 नौजवान हैं जो बंधुआ की जिंदगी जी रहे हैं। उन्हें काम के पूरे पैसे नहीं दिए जाते और वे भुखमरी के कगार पर हैं।


ट्रांसपोर्ट कंपनी के नाम पर उन्हें जिस कंपनी में भेजा गया वह कंपनी असल में गंदगी उठाने का काम करती है। कंपनी ने उन्हें गंदगी उठाने के काम पर तैनात किया है।  उन्हें भेजने वाले एजेंटों ने उनसे इसके लिए एक लाख रुपये लिए थे। एजेंट ने उन्हें बताया था कि उन्हें वहां 1200 रियाल के वेतन के साथ ड्राइवर की नौकरी दी जाएगी लेकिन अब उन्हें सफाई मजदूर के रूप में काम करने के लिए बंधुआ बनाया गया है। केवल 300 रियाल ही प्रतिमाह दिए जा रहे हैं जो दो वक्त के भोजन के लिए पर्याप्त नहीं है।
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गुरदेव सिंह ने बताया कि वहां बचे युवकों को अब बुरी तरह प्रताड़ित किया जा रहा है। भीषण गर्मी में वह जिस कमरे में रह रहे हैं वहां न तो बिजली की पर्याप्त सुविधा है और न ही वह वहां से कहीं बाहर जा सकते हैं क्योंकि उनके पासपोर्ट कंपनी ने लेकर रख लिए हैं जबकि उनके पहचानपत्र भी वापस ले लिए गए हैं। उन्होंने भारत सरकार से अपील की है कि उन्हें वहां से छुड़वाने के लिए भारत सरकार इस मामले को सऊदी अरब से उठाए और उन्हें फंसाने वाले एजेंटों पर भी कार्रवाई हो। 


हिम्मत सिंह के मुताबिक पिछले दिनों मीडिया में यह मामला उठने के बाद उन्हें भेजने वाला मुंबई का मुख्य ट्रेवल एजेंट मार्च में उनकी सुध लेने रियाद पहुंचा और कंपनी नौजवानों के लिए एक राहत पैकेज पर सहमत हो गई। इसके मुताबिक वापस लौटने के चाहवान 22 लड़कों को कंपनी एग्जिट पास जारी करके पासपोर्ट देने पर सहमत हुई लेकिन अब तक 12 लड़कों को ही वापस भेजा गया है जबकि बाकी बचे 10 की कोई सुध नहीं ली जा रही।



उन्होंने यह भी बताया कि एक अन्य कंपनी में काम के लिए भेजे गए दो युवकों को ट्रेवल एजेंट की ओर से दिया गया ड्राइविंग लाइसेंस जाली पाए जाने पर वहां किसी अन्य ड्राइवर के साथ ट्रक पर क्लीनर के तौर पर भेजा जा रहा था। बाद में उन्हें चोरी का झूठा आरोप लगाते हुए पकड़ा गया और वह अब वहां जेल में हैं।



युवकों के मुताबिक मुंबई के मुख्य एजेंट ने उन्हें बताया है कि उसने पंजाब के ट्रेवल एजेंटों को कंपनी, काम और बाकी चीजों के बारे में सही जानकारी दी थी लेकिन यहां के एजेंटों ने अपने लालच के चलते उन्हें गुमराह किया और जाली लाइसेंस देकर उन्हें भेज दिया। जगमीत ने बताया कि अब कंपनी उन्हें बाहर निकलने के प्रमाण पत्र जारी करने और पासपोर्ट देने के लिए सहमत हो गई। ये उनके वापस आने के लिए आवश्यक थे। इस सिलसिले में कंपनी की ओर से औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। उन्होंने भारत सरकार से मांग की है कि सऊदी अरब में फंसे 10 युवकों को छुड़वाने के लिए सरकार यह मुद्दा अरब सरकार के साथ उठाए और यहां उन्हें गुमराह करके विदेश अच्छी नौकरी के नाम पर ठगी करने व जाली लाइसेंस बना कर देने वाले ट्रेवल एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।



रियाद से मार्च में लौटे थे सात युवक
जगजीत सिंह निवासी होशियारपुर, नवदीप सिंह निवासी गांव औलख, गुरमीत सिंह निवासी गांव गिल व गुरमेल सिंह निवासी गांव ढंडालवाला व बलजिन्दर सिंह चारों जिला गुरदासपुर, सगान सिंह निवासी गांव शौहनेवाली जिला अमृतसर, जसमीत सिंह निवासी कपूरथला।

मंगलवार को लौटे पांच युवक
गुरदेव सिंह निवासी गांव हमनेश, हिम्मत सिंह गांव बबरीनंगल, अर्जुन सिंह निवासी गांव तिब्बड़ और जगदीप सिंह निवासी गांव पीरदीसैन चारों जिला गुरदासपुर और मनप्रीत सिंह निवासी गांव चाचोवाड़ी जिला अमृतसर

रियाद में फंसे 10 युवकों की सूची
कुलदीप सिंह निवासी गांव तिरंगोवाल, जगदीप सिंह निवासी गांव एकलगड्डा, शरणजीत सिंह निवासी गांव टांगड़ा, हरप्रीत सिंह निवासी टांगड़ा, मंगल सिंह निवासी गांव टांगड़ा पांचों जिला अमृतसर, कुलविन्दर सिंह निवासी गांव कालावाड़ा जिला गुरदासपुर, जोरावर सिंह निवासी बालाचौर जिला नवांशहर, गुरलब सिंह निवासी कस्बा फतेहगढ़ चूड़ियां, सुगा सिंह निवासी गांव जिंदवाड़ी और रामकुमार निवासी कस्बा नंगल दोनों रोपड़ के रहने वाले हैं।
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दो पंजाबी युवक जेल में
अमृतसर के रहने वाले जगदीप सिंह और मत्तेवाल (अमृतसर) के रहने वाला कंवरजीत सिंह अभी रियाद जेल में कैद हैं।
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