स्वर्ण मंदिर परिसर में बने यादगार गुरुद्वारा के अंदर लगी उस घड़ी को बुधवार को हटा दिया जिसमें संत जरनैल सिंह भिंडरावालां की करीब 6 इंच की तस्वीर लगी हुई थी।
यादगार गुरुद्वारा ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान मारे गए सिखों की याद में बनाया गया था। इस पर पहले से ही विवाद था।
तस्वीर वाली घड़ी के कारण विभिन्न संगठनों ने एसजीपीसी के साथ-साथ अकाली दल को भी कठघरे में खड़ा कर दिया था।
बुधवार को घड़ी को हटाकर उसकी जगह पर एसजीपीसी की ओर से एक अन्य घड़ी लगा दी गई है।
इससे पहले एसजीपीसी की ओर से उस फ्लेक्स बोर्ड को भी हटा दिया गया था जिस पर भिंडरावालां और अन्य आतंकियों के नाम लिखे थे।
लेकिन एसजीपीसी उन लोहे के बोर्डों को हटा पाने में सफल नहीं हुई है जिस पर पेंट से भिंडरावालां के नाम लिखे हुए हैं।
यादगार गुरुद्वारा के मुख्य द्वार के ऊपर लगे डिजाइनदार संगमरमर पर अभी भी भिंडरावालां और उनके साथियों के नाम की याद वाली सिल स्थापित है।
गुरुद्वारा साहिब के अंदर पड़ी हुई गोलक से अभी तक भिंडरावालां का नाम नहीं हटाया गया है हालांकि गोलक की साइड बदल कर लिखे नाम वाली साइड को दीवार की तरफ कर दिया गया है।