फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Punjab: पूरा गणित तैयार कर मैदान में उतरे राहुल गांधी, फतेहगढ़ साहिब में पगड़ी पहनी, लुधियाना में नहीं

Fri, 13 Jan 2023 12:32 PM IST
निवेदिता वर्मा सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)

सार

पंजाब में खेतीबाड़ी और एसवाईएल का मुद्दा काफी गर्म है, जिस पर राहुल गांधी ने खेतीबाड़ी माहिरों से बात कर पानी व एसवाईएल पर चर्चा भी की। पंजाब में नशे के मुद्दे को फिर से छूकर गए हैं, जिसमें उन्होंने पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं व अन्य बुद्धिजीवियों से इस पर खुलकर चर्चा की।
विज्ञापन
लुधियाना में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को दो दिन हो चुके हैं। दो दिन में राहुल गांधी ने पंजाब का पूरा गणित समझकर ही धरती पर पैर रखा है। वह इलाके और वहां के बाशिंदों की नब्ज पर हाथ रख रहे हैं और पंजाब की पावन धरती पर श्री गुरु नानक देव जी का संदेश देकर आगे बढ़ रहे हैं। जहां लुधियाना में स्माल स्केल इंडस्ट्री की नब्ज पर हाथ रखा वहीं माझा में केसरिया पगड़ी पहनकर श्री दरबार साहिब में जाकर माथा टेका।

विज्ञापन


यात्रा को शुरू करने के लिए फतेहगढ़ साहिब की पावन पवित्र धरती का चयन किया गया। इन दिनों में ही फतेहगढ़ साहिब में साहिबजादों की शहादत हुई थी। गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में बने ठंडे बुर्ज में पोह की सर्द रातों में बाबा मोती राम महिरा ने अपनी जान की परवाह न कर साहिबजादों व माता गुजरी जी के लिए गर्म दूध की सेवा की थी। जिन्हें बाद में मुगलों ने शहीद कर दिया था। यहां साहिबजादों ने धर्म की रक्षा के लिए शहादत का पाठ पढ़ा था। जहां मासूम साहिबजादों ने भी माता से शिक्षा लेकर धर्म की खातिर हंसते-हंसते अपनी जान न्योछावर की थी। सिख धर्म में दिसंबर का माह छोटे साहिबजादों की शहादत को याद कर निकलता है और उसी ठंड के मौसम में राहुल गांधी ने उसी स्थान का चयन किया, जहां पर छोटे साहिबजादों को जिंदा नींव में चिनवा दिया गया था। हालांकि राहुल गांधी पंजाब में आकर श्री दरबार साहिब नहीं गए, विपक्षों के इन सवालों को उठने से पहले ही मंगलवार को यात्रा शुरू करने से पहले वह श्री दरबार साहिब में नतमस्तक हुए। 

अमृतसर माझा में है और वहां पर सिख समुदाय के लोग केसरिया पगड़ी अधिक पहनते हैं। राहुल ने दरबार साहिब में माथा टेकने के दौरान केसरिया पगड़ी पहनी। इसके बाद फतेहगढ़ साहिब व सरहिंद में उनहोंने यात्रा शुरू करने से पहले लाल पगड़ी पहनी। 
विज्ञापन




पंजाब में खेतीबाड़ी और एसवाईएल का मुद्दा काफी गर्म है, जिस पर राहुल गांधी ने खेतीबाड़ी माहिरों से बात कर पानी व एसवाईएल पर चर्चा भी की। पंजाब में नशे के मुद्दे को फिर से छूकर गए हैं, जिसमें उन्होंने पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं व अन्य बुद्धिजीवियों से इस पर खुलकर चर्चा की। लुधियाना के पास भैणी साहब नामधारी समुदाय का बड़ा स्थल है। साहनेवाल के पास राहुल गांधी ने नामधारी समुदाय के वरिष्ठ लोगों से बात कर उनकी बातों को गौर से सुना। 

लुधियाना बड़ी इंडस्ट्री का मुख्य केंद्र है और पंजाब की औद्योगिक राजधानी के नाम से मशहूर है। इस इलाके में दाखिले से पहले राहुल ने सिर पर पगड़ी नहीं पहनी क्योंकि इस क्षेत्र में भारी आबादी हिंदू व जैन बिरादरी के लोगों की है। रास्ते में राहुल ने जैन मुनियों को भी साथ चलाया और उनके साथ विचार भी किया। लुधियाना में भाषण के दौरान राहुल गांधी के माथे पर तिलक लगा हुआ था। स्टेज पर पहुंचते ही सटीक उन शब्दों का इस्तेमाल भाषण में किया, जो सीधा उद्यमियों की नब्ज को दबा गया।

राहुल गांधी ने लुधियाना में स्मॉल स्केल इंडस्ट्री को फोकस करके केंद्र पर चोट की। राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र का फोकस सिर्फ दो-तीन घराने हैं। स्मॉल स्केल इंडस्ट्री की तरफ किसी का ध्यान नहीं है। बड़े घराने देश को रोजगार नहीं दे सकते, लेकिन स्मॉल स्केल इंडस्ट्री दे सकती है। केंद्र स्मॉल स्केल इंडस्ट्री के लिए कुछ नहीं कर रही। अगर स्मॉल स्केल इंडस्ट्री को सहायता मिले तो हम चीन से मुकाबला कर सकते हैं। लोग लुधियाना को मैनचेस्टर जैसा कहते हैं, लेकिन असलियत में मैनचेस्टर लुधियाना की तरह है। मैनचेस्टर का भविष्य नहीं है, लेकिन लुधियाना का है। उन्होंने जीएसटी व नोटबंदी का जिक्र किया और कहा कि इसका बुरा असर इंडस्ट्री पर हुआ है और दोनों इंडस्ट्री को खत्म करने के हथियार हैं। वे पंजाब के त्योहार लोहड़ी की मुबारकबाद भी स्टेज से देना नहीं भूले। साथ ही श्री गुरुनानक देव जी के उपदेश को भी राहुल गांधी ने पंजाब में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान दिया कि सभी को आपस में प्यार व भाईचारे से रहना चाहिए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व विधायक राणा गुरजीत सिंह का कहना है कि राहुल गांधी की कार्यशैली में पिछले कुछ समय में एक क्रांतिक्रारी परिवर्तन आया है और वह हर क्षेत्र को न केवल बारीकी से समझ रहे हैं बल्कि लोगों के साथ दिल का रिश्ता भी कायम कर रहे हैं। यही वजह है कि पंजाब के लोग उनकी झलक पाने के लिए सड़कों पर आ रहे हैं।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें