कोटकपूरा में तीन वर्ष से पावरकॉम में नियुक्ति का इंतजार कर रहे बेरोजगार लाइनमैनों और उनके परिवारों की हालत काफी दयनीय हो चुकी है। राज्य सरकार की बार-बार वादाखिलाफी से निराश आत्महत्या तक कर रहे हैं।
ऐसे में बेरोजगार लाइनमैनों और उनके परिवारों ने संघर्ष को तेज करने का फैसला किया है।
शुक्रवार को जिला स्तरीय बैठक में यूनियन के जिला प्रधान हरप्रीत सिंह मढ़ाक ने कहा कि पंजाब सरकार ने जनवरी 2011 के दौरान पावरकॉम में पांच हजार लाइनमैन भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू की थी।
इनमें से सिर्फ एक हजार को ही नियुक्ति पत्र सौंपे गए हैं, उनके चार हजार साथी ठोकरें खाने को मजबूर हैं। सरकार ने कई बार नियुक्ति पत्र जारी करने वादा किया, लेकिन उसे पूरा नहीं किया जा रहा।
वादा याद करवाने पर उनके साथियों को पुलिस व शिअद वर्करों से पिटवाया जा रहा है। झूठे केस दर्ज करके जेलों में बंद किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि तंग होकर चार दिन पहले फाजिल्का में एक बेरोजगार लाइनमैन राजकुमार ने आत्महत्या कर ली है। करीब 5 माह पहले तरनतारन के बेरोजगार लाइनमैन सरबजीत सिंह ने भी ऐसा कदम उठा लिया था।
पिछले तीन वर्ष से रोजगार की उम्मीद में बैठे कई बेरोजगार लाइनमैन और उनके परिवार पूरी तरह से टूट चुके हैं। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में इस तरह किसी अन्य साथी का जानी नुकसान हुआ तो इसके लिए सरकार और पावरकॉम के अधिकारी जिम्मेवार होंगे।
बैठक में प्रस्ताव पारित कर फाजिल्का के राज कुमार के परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने और जेलों में बंद साथियों को बिना शर्त रिहा करने की मांग की गई।
सरकार को चेतावनी दी गई कि यदि जल्द ही चार हजार साथियों को नियुक्ति पत्र न सौंपे तो संघर्ष तेज किया जाएगा। बैठक में ब्लाक प्रधान प्रणाम सिंह खारा, ईशर सिंह, जसकरण सिंह वाडादराका, कुलदीप सिंह खारा, धन्ना सिंह जलालेआना, विक्रम फरीदकोट, राजपाल कोटकपूरा और हरजीत सिंह कोटकपूरा हाजिर हुए।