शहीद किरणजीत कौर ईजीएस अध्यापक यूनियन के दस वालंटियर अपनी मांगें मनवाने
के लिए शनिवार को सुबह पांच बजे के करीब पेट्रोल की बोतलों समेत गोनियाना
कलां स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए।
इसका पता चलने पर जिला प्रशासन
के हाथ पांव फूल गए। डिप्टी कमिश्नर डा. बसंत गर्ग ने उनके एक
प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से गांव कालझराणी के हेलीपैड पर बातचीत कराने के
लिए भेजा। ओएसडी ने प्रतिनिधिमंडल को चार जनवरी के बाद मुख्यमंत्री से
मुलाकात कराने का आश्वासन देकर वापस कर दिया।
यूनियन की प्रवक्ता
गगन अबोहर ने बताया पानी की टंकी पर चढ़ने वाले अध्यापकों में बलजीत कौर,
संदीप कौर अबोहर,बब्बू फरीदकोट, किरण, वीरबल सिंह मानसा, किरण नंगल संगरूर,
वीना फाजिलका,जगसीर सिंह, लखविंदर सिंह और अंग्रेज सिंह श्री मुक्तसर
साहिब शामिल है। प्रवक्ता ने कहा ईटीटी पास होने के बावजूद भी सरकार उन्हें
न तो रेगुलर नहीं कर रही है और अन्य मांगों पर भी ध्यान नहीं दे रही है।
इसके
चलते संघर्ष जारी है । उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती
है, तब तक वह प्रदेश सरकार के खिलाफ संघर्ष जारी रखेंगे। गगन ने जिला
प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन उनके कुछ वालंटियरों को
मुख्यमंत्री बादल के साथ गांव कालझराणी के हेलीपैड पर बातचीत करवाने के लिए
लेकर गया है। गगन ने बताया मुख्यमंत्री के ओएसडी ने चार जनवरी के बाद सीएम
बादल से मुलाकात कराने की बात कहकर प्रतिनिधिमंडल को वापस भेज दिया। खबर
लिखे जाने तक टंकी पर चढे़ अध्यापक प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन के खिलाफ
नारेबाजी कर रहे थे। वहीं टंकी के नीचे पुलिस फोर्स तैनात था।