श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी और किसान-मजदूर मुद्दों को लेकर संघर्ष कर
रही जत्थेबंदियों और विरोध कारण पंजाब के उपमुख्य मंत्री सुखबीर सिंह बादल
शनिवार की देर शाम मोगा जिले में गांव लोपो में रूट बदलकर पहुंचे।
काली
झंडियों के साथ सड़क पर आई सिख संगत के गुस्से से बचने के लिए उन्होंने
गांव समाधभाई ऐतिहासिक गुरुद्वारा जाने का प्रोग्राम रद्द कर दिया।
उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने गांव लोपो में करीब 15 मिनट संत जगजीत
सिंह लोपो के साथ बंद कमरे में मीटिंग की। इस के बाद उन्हाेंने बधनी कलां
में संत जोरा सिंह से तकरीबन एक घंटा बंद कमरे मीटिंग की।
उनके साथ
कृषि मंत्री जत्थेदार तोता सिंह और परमजीत सिंह सिद्धवा भी थे। इस के बाद
उन्हें गांव समाधभाई में नानकसर ठाठ में जाना था। वहां आने की भनक सिख संगत
और अन्य को लग गई। इस पर सिख संगत और आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता गांव
समाधभाई नानकसर ठाठ आगे काली झंडियों से डट गए। जिला प्रशासन ने डिप्टी
सीएम को इस बारे अवगत कराया। इस पर उन्होंने यहां जाने का प्रोग्राम रद्द
कर दिया और गांव पत्तो दीना कांगड़ मार्ग जरिये बठिंडा चले गए।
गांव
लोपो में किसान नेता सुदागर सिंह खाई और अमरजीत सिंह सैदोके के नेतृत्व
में काली झंडियों के साथ रोष प्रगट करने पहुंचे किसानों को उपमुख्यमंत्री
के आने से पहले पुलिस ने हिरासत में लेकर थाना बधनी कलां में बंद करदिया।
इस दौरान एक धार्मिक स्थान में किसान नेता काका सिंह माछीके के नेतृत्व में
छिपकर बैठे किसान उपमुख्यमंत्री काफिले को काली झंडियां दिखाने में सफल हो
गए।
पुलिस उन्हें भी हिरासत में लेकर थाना बधनी कलां में बंद कर
दिया। उपमुख्यमंत्री के जाने बाद पुलिस ने किसानों को गांव लोपो में छोड़
दिया। भारतीय किसान यूनियन एकता उगाहूं के प्रदेश महासचिव सुखदेव सिंह
कोकरी ने बताया कि गांव लोपे में किसानों ने रैली की। उन्हाेंने कहा कि
किसानों की मांगों के लिए मंत्रियोें का इसी तरह घेराव किया जाएगा।