कीटनाशक दवा बेचने वालों पर केंद्र सरकार की ओर से बीएससी एग्रीकल्चर की डिग्री होने की शर्त लगाने के विरोध में बुधवार को जिले भर में पेस्टीसाइड की दुकानें बंद रहीं।
दवा विक्रेताओं ने रोष प्रदर्शन करने के बाद डीसी जसकिरन सिंह को मांगपत्र भी सौंपा। नई अनाज मंडी में आयोजित कीटनाशक दवा विक्रेताओं की बैठक को संबोधित करते पेस्टीसाइड, फर्टिलाइजर्स एंड सीड डीलर्स एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष राज रस्सेवट ने कहा कि कीटनाशक विक्रेताओं पर बीएससी की डिग्री की शर्त लगाकर उन्हें गहरे संकट में डाल दिया गया है।
रस्सेवट ने कहा कि हैरानी की बात है कि सालों से काम कर रहे इन दवा विक्रेताओं को केंद्र सरकार अब पढ़ने के लिए कॉलेजों में भेजना चाहती है।
वहीं बहुत से कीटनाशक लाइसेंस धारकों की आयु 60 साल से भी पार हो चुकी है। केंद्र सरकार के नए आदेशों के अनुसार हर कीटनाशक बेचने वाली दुकान के लाइसेंस धारक को या तो स्वयं बीएससी खेतीबाड़ी करनी होगी। या उसे अपनी दुकान पर किसी बीएससी डिग्री होल्डर को रखना आवश्यक होगा।
प्रदेशभर में लगभग 18 हजार ऐसे लाइसेंस धारक हैं। सरकार की ओर से उन्हें यह डिग्री प्राप्त करने के लिए केवल दो साल का समय दिया गया है।
वहीं इस डिग्री लेने के लिए कम से कम चार साल का समय लगता है। इस दौरान पॉपी बांसल, बंटी गोयल, सतीश कमरा, अशोक खुराना, संजीव गर्ग, भीष्म बांसल, विजय गिरधर, चंदन सेठी मौजूद थे।