कोटकपूरा के मोगा रोड और दुयारेआना रोड पर स्थित मार्कफेड के तीन और गोदामों से गेहूं की करीब 31 हजार बोरियां गायब होने का मामला सामने आया है। दो माह पहले गांव संधवां के गोदाम से करीब 19 हजार गेहूं की बोरियां गायब मिली थीं।
इसके बाद विभाग ने इन तीनों गोदामों की फिजिकल वेरिफिकेशन (पीवी) करवाई थी। इन चारों गोदामों से गायब हुए गेहूं की बाजारी कीमत करीब 5 करोड़ रुपये बनती है।
डीएम की शिकायत पर वीरवार को थाना सिटी पुलिस ने मार्कफेड के तीन कर्मियों समेत 14 आरोपियों के खिलाफ दो नए केस दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी है।
एसएसपी फरीदकोट को सौंपी शिकायत में मार्कफेड के जिला प्रबंधक (डीएम) विनोद कुमार के अनुसार गांव संधवां स्थित बलकार ओपन गोदाम की पीवी के दौरान गेहूं की करीब 19 हजार बोरियां कम पाई गई थीं।
विभाग की शिकायत पर 26 सितंबर 2013 को कोटकपूरा ब्रांच के इंचार्ज सुखप्रीत सिंह, सेल्समैन साधू सिंह और गुरदीप सिंह समेत गोदाम के पांच सुरक्षा गार्डों पर मामला दर्ज करवाया था।
विभाग ने तीनों अन्य गोदामों की पीवी करवाई। इनमें से करीब 30 हजार 739 बोरियां कम हैं।
डीएम ने गेहूं का गबन करने के मामले में ब्रांच इंचार्ज सुखप्रीत सिंह, सेल्समैन साधू सिंह और गुरदीप सिंह समेत गोदामों की सुरक्षा में लगे एक निजी कंपनी के सुरक्षा गार्डों पलविंदर सिंह, संजय कुमार, जोगिंदर सिंह, जगसीर सिंह, जगजीत सिंह, बलकरण सिंह, कुलविंदर सिंह, कौर सिंह, सुखवीर सिंह, सुविंदरपाल सिंह और सुरक्षा गार्ड कंपनी के इंचार्ज गुरजंट सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग रखी।
सिटी पुलिस ने इन सभी आरोपियों के खिलाफ गबन, धोखाधड़ी, जालसाजी और साजिश के तहत दो केस दर्ज किए है। इन दोनों केसों में तीनों कर्मियों और सुरक्षा गार्ड इंचार्ज गुरजंट सिंह का नाम शामिल है।
गांव संधवां के गोदाम वाले केस में भी इन चारों आरोपियों के नाम शामिल थे। इन केसों में नामजद तीनों कर्मचारियों को विभाग निलंबित कर चुका है।