राज्य सरकार की ओर से मछली पालन के व्यवसाय को प्रफुल्लित और विस्तार के लिए व्यापक योजनाएं बनाईं गई हैं।
ताकि ज्यादा लोगों को मछली पालन का सहायक धंधा अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सके।
इसके तहत सरकार ने सेम प्रभावित जमीनें जहां पानी खड़ा रहता है, वहां मछली पालन करने वालों को 90 फीसदी सब्सिडी देने की स्कीम शुरू की है।
डीसी परमिंदर सिंह गिल ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से पहले ही नॉन-वाटर लागड एरियाज स्कीम के तहत 50 फीसदी सब्सिडी की सुविधा दी जा रही है, जो पहले केवल 20 फीसदी थी, जिससे किसानों को खेतीबाड़ी के साथ-साथ सहायक धंधे अपनाने के लिए उत्साहित किया जा सके।