वेतन की मांग पर सरकारी कॉलेज के स्टाफ का धरना बुधवार को भी जारी रहा। अध्यापकों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही वेतन जल्द न मिलने पर संघर्ष तेज करने की चेतावनी दी।
वक्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार अध्यापकों से काम तो पूरा लेती है, लेकिन वेतन देते समय उन्हें नजरअंदाज किया जाता है। इससे अध्यापकों में रोष पाया जा रहा है।
वक्ताओं के अनुसार सितंबर 2015 से उन्हें वेतन न मिलने से घरेलू खर्च चलाना भी मुश्किल हो रहा है। इस बारे में लिखित रूप में पंजाब सरकार व डीपीआई कॉलेज से बजट देने की मांग की जा चुकी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस दौरान प्रो. डॉ. परमिंदर सिंह, प्रो. कुलवंत सिंह बराड़, सतवंत कौर, कृष्ण मित्तल, सीएम गुप्ता, कमलजीत कौर, गुरमीत कौर, बरजिंदर कुमार, गगन संग्रामी, धीरज कुमार मौजूद थे।