गांव रायपुर के एक किसान ने कर्ज से तंग आकर सोमवार शाम को आत्महत्या कर ली।
वहीं गांव माखा में सोमवार को ही एक किसान की किसी जहरीले जानवर के काटे जाने से मौत हो गई थी। भारतीय किसान यूनियन डकौंदा के जिला महासचिव गौरा सिंह भैणीबाघा ने उक्त घटनाओं पर दुख व्यक्त किया है।
उन्होंने दोनों पीड़ित किसान परिवारों को आर्थिक सहायता व परिवार के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। गांव रायपुर के निवासी किसान मेजर सिंह (50) पर करीब 16 लाख रुपये का कर्जा था।
उसके पास आठ एकड़ जमीन थी। उसने पिछली बार अपनी जमीन में कपास की बुआई की थी। इससे उसको काफी उम्मीद थी कि उसका कर्जा उतर जाएगा। वहीं सफेद मक्खी के हमले से उसकी सारी फसल बर्बाद हो गई।
इसके बाद वह प्राइवेट आढ़ती और बैंक के कर्ज को लेकर काफी परेशान रहने लगा। दो बच्चों के पिता मेजर सिंह ने सोमवार को कोई जहरीली चीज निगल कर आत्महत्या कर ली।
मंगलवार को गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार किया गया। दूसरी तरफ गांव माखा निवासी किसान बलवंत सिंह उर्फ काला सिंह सोमवार को अपने खेतों में पानी लगाने के लिए गया था।
वहां उसे किसी जहरीले जानवर ने काट लिया, इससे उसकी खेत में ही मौत हो गई। उसका गांव माखा के श्मशानघाट में मंगलवार को अंतिम संस्कार किया गया।
किसान नेता गोरा सिंह भैणीबाघा और जिला प्रेस सचिव इकबाल सिंह ने सरकार से दोनों परिवारों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि समूचे किसानों पर चढ़ा कर्जा माफ कर सरकार आत्महत्याएं रोकने के लिए ठोस कदम उठाए।