अकाली दल की 23 नवंबर को होने वाली सद्भावना रैली सात जिलों की पुलिस के अलावा आरपीएफ और बीएसएफ की एक-एक कंपनी के सहारे होगी।
इसके लिए जिला पुलिस प्रशासन ने बडे़ स्तर पर रैली स्थल के आसपास कडे़ सुरक्षा प्रबंध कर दिए हैं। दूसरी तरफ अकाली दल ने अपनी रैली को कामयाब बनाने के लिए प्रदेश के विभिन्न शहरों से साढ़े तीन सौ बसें किराए पर ली हैं। उक्त बसों के मालिकों को बठिंडा से रकम भी अदा की जा चुकी है।
बठिंडा के एसपीएच डॉ. नानक सिंह ने बताया कि रैली के लिए सात जिलों की पुलिस के अलावा आरपीएफ 70 और बीएसएफ के 60 जवानों को ड्यूटी के लिए बुलाया गया है।
रैली स्थल के आसपास का सभी ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया जाएगा। रविवार को बदले हुए ट्रैफिक रूट के प्लान के बारे में लोगों को बता दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसी भी शरारती तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। इसके अलावा जिला पुलिस के उच्च अधिकारियों ने पुलिस कर्मियों को आदेश दिए कि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति दिखे तो उसे तुरंत हिरासत में लेकर पूछताछ की जाए।
शुक्रवार को गांव हमीरगढ़ में मलूका पर हुए हमले के बाद पुलिस ने अकाली दल के रैली स्थल को पूरी तरह से पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया है। इसके अलावा सरकार अपनी रैली को कामयाब बनाने के लिए सरकारी मशीनरी का पूरी तरह से उपयोग कर रही है ।
रैली के लिए साढे़ तीन सौ से अधिक बसों का अकाली दल ने जो प्रबंध किया है उस में बठिंडा के अलावा संगरूर, मानसा, फरीदकोट की बसों को हायर किया गया है।
इन्हें किराया देने के लिए सरकार ने शनिवार सुबह बठिंडा के डीटीओ कार्यालय में 40 लाख रुपये से अधिक की रकम भेज दी। इसे डीटीओ कार्यालय बठिंडा के क्लर्क राजीव कुमार ने बठिंडा पहुंचे हुए बस मालिकों को किराए के हिसाब से दे दिया।
इससे पहले बठिंडा के बस मालिकों ने रैली के लिए अपनी बसें देने से इंकार कर दिया था लेकिन सरकार ने मौके की नजाकत को देखते हुए बसों का टैक्स माफ कर उन्हें भी रैली के लिए बसें देने के लिए मना लिया। डीटीओ कार्यालय बठिंडा के क्लर्कराजीव कुमार ने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया ।