जिले के गांव पन्नीवाला के किसान के बेटे बरिंदर शरण की पेस बॉलिंग का जादू आस्ट्रेलियाई पिचों पर चलेगा। बीते चार सालों से वे टीम में शामिल होने को कड़ी मेहनत कर रहे थे।
उनके खेलों में बेहतर प्रस्तुति को देखकर ही उनका चयन भारतीय क्रिकेट टीम में हुआ है। शरण आस्ट्रेलिया में होने वाले एक दिवसीय मैच में हिस्सा लेंगे। यह सूचना मिलने पर पूरे सूबे और उनके गांव में खुशी की लहर दौड़ गई।
बेटे के नाम भारतीय टीम में चुने जाने के बाद परिवार की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। उनके घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। अब पंजाब से एक अन्य दाएं हाथ के बॉलर भारतीय क्रिकेट में अपनी प्रतिभा को दिखाएंगे।
वर्तमान में पंजाब से भारतीय टीम में हरभजन सिंह और युवराज सिंह के अलावा वरिंदर कोहली भी खेल रहे हैं।
बंगलूरू में रणजी खेल रहे 23 वर्षीय बरिंदर शरण ने फोन पर विशेष बातचीत के दौरान ‘अमर उजाला’ को बताया कि वे बीते चार सालों से पंजाब की टीम में बतौर बॉलर रणजी खेलते आ रहे हैं।
उनके अच्छे खेल प्रदर्शन की बदौलत ही आज उन्हें भारतीय टीम में चुना गया है। बरिंदर ने बताया कि उन्हें आगामी समय में आस्ट्रेलिया में होने वाले पांच एक दिवसीय क्रिकेट मैचों के लिए चुना गया है।
ये मैच 12 जनवरी से शुरू होंगे। उन्होंने कहा कि वे भारतीय टीम के चयनकर्तायों की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतरेंगे। उन्होंने बताया कि बुधवार को उनकी टीम का रणजी मैच हिमाचल प्रदेश के साथ था।
बरिंदर शरण का कहना था कि जब उनको भारतीय क्रिकेट टीम में चुने जाने की सूचना मिली तो उनकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। शरण के पिता बलबीर सिंह किसान हैं।
बरिंदर के बचपन के दोस्त गोली माहेश्वरी ने कहा कि शरण की बचपन से ही क्रिकेट में रुचि थी। इसके चलते माता-पिता और दोस्तों ने शरण को कभी भी क्रिकेट खेलने से नहीं रोका।
उन्होंने हर जगह पर बरिंदर का साथ दिया। इसके चलते आज शरण का चयन भारतीय क्रिकेअ टीम में आस्ट्रेलिया दौरे के लिए हुआ है।