रूथ अब इस दुनिया में नहीं रही, लेकिन उसके मामा-पिता को अब भी इस बात का यकीन नहीं है। उन्हें लोग सांत्वना देने में लगे हैं, लेकिन बदहवाश माता-पिता मौत के सच को स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में अपनी लाडली को याद कर विलाप कर रहे परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
रविवार को रूथ के पार्थिव शरीर के सामने बैठे उसके माता-पिता को किसी प्रकार सांत्वना देने के प्रयास में लगे लोगों की आंख भी नम थी। लोगों के समझाने के बावजूद वे फफक-फफक कर रोए जा रहे थे। रूथ की मां किरनजीत कौर का तो रो-रो कर बुरा हाल था। इस बीच मौके पर पहुंचने वाले लोगों ने रूथ की तस्वीर के सामने खड़े होकर उसकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
रूथ का झूला भी फ्रीजर के साथ रखा :
नन्ही रूथ की तस्वीर के सामने लोगों ने श्रद्धांजलि स्वरूप फूल-मालाएं चढ़ाईं। फ्रीजर में रखे उसके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए लोगों की लाइन लगी रही। इस बीच रूथ का झूला भी उसके पार्थिव शरीर के पास रखा गया। उसे लोगों ने रुपयों से भर दिया। रूथ कभी इस झूले में अठखेलियां करती थी।
किरनजीत कौर व करनजीत सिंह की इकलौती बेटी रूथ की मौत का गम हर किसी के चेहर पर झलक रहा था। लोग पार्थिव शरीर के सामने कुछ पल बैठ कर उनकी पीड़ा को कुछ कम करने की कोशिश करते नजर आए। उधर, पार्थिव शरीर वाले फ्रीजर को धूप से बचाने के लिए वहां प्लास्टिक का शेड लगा दिया गया।
डॉक्टरों ने सौंपी मेडिकल रिपोर्ट
डाक्टरों ने जिला प्रशासन को सौंपी रूथ की मेडिकल रिपोर्ट सौंप दी है। हालांकि मौत के सही कारण का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगा। रूथ का इलाज बठिंडा के सिविल अस्पताल में हुआ था। वहीं उसने इलाज के दौरान दम तोड़ा था।
सिविल अस्पताल के डाक्टरों की टीम ने जिला प्रशासन को रूथ की मेडिकल रिपोर्ट सौंपी। सिविल अस्पताल के डॉ.सतीश जिंदल ने बताया कि अभी रूथ के मौत के असल कारणों के बारे में विभाग कुछ नहीं कह सकता।