रामपुरा फूल के नजदीकी गांव खोखर में लोक निर्माण मंत्री जनमेजा सिंह सेखों
के कार्यक्रम से पहले ग्रामीणों और पुलिस के बीच खूनी संघर्ष हुआ।
आंदोलनकारियों
को हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो किसानों ने जवाब में ईंट-
पत्थर बरसाए। इस दौरान पांच पुलिस कर्मी घायल हो गए। आंदोलनकारियों ने
शिलान्यास का पत्थर भी तोड़ दिया। तनाव को देखते हुए मंत्री का दौरा रद्द
कर दिया गया।
मौड़ क्षेत्र के विधायक व लोक निर्माण मंत्री जनमेजा
सिंह सेखों का शनिवार को खोखर गांव में एक सड़क के शिलान्यास का कार्यक्रम
था। कुछ किसान संगठन व गर्म धड़े के सिख नेता इसका विरोध कर रहे थे। इन
संगठनों ने शनिवार सुबह शिलान्यास स्थल के पास धरना शुरू कर दिया।
पुलिस
ने धरना उठवाने की कोशिश तो दोनों पक्षों में तकरार शुरू हो गई। इसके बाद
पुलिस ने लाठीचार्ज कर आंदोलनकारियों को तितर-बितर कर दिया। लाठीचार्ज के
बाद गुस्साए लोगों ने ईंट पत्थर से पुलिस पर जवाबी हमला बोल दिया। दोनों
पक्षों में देर तक ईंट-पत्थर चलेे। इसमें पुलिस कर्मी गुरदेव सिंह, हरपाल
सिंह, राजदीप कौर, परमिंदर सिंह और हरमिंदर सिंह घायल हो गए। पांचों को
सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया गया है।
स्थिति बेकाबू होती देख
डीसी डा. बसंत गर्ग, एसएसपी राजेश्वर सिंहभारी पुलिस बल के साथ गांव में
पहुंचे। लेकिन तब तक आंदोलनकारी मौके से जा चुके थे। देर शाम तक गांव में
तनाव बना हुआ था। वहां भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है।
मंत्रियों का विरोध जारी रहेगा
भाकियू
के जोगिंदर सिंह, सिख संगठनों के बिक्कर सिंह व महिला नेता परमजीत कौर,
हरप्रीत कौर व कर्मजीत कौर ने कहा कि लोकतंत्र में सबको अपनी बात कहने का
अधिकार है। पुलिस ने बिना किसी बात के उनके ऊपर लाठीचार्ज किया है। शिअद
मंत्रियों का विरोध जारी रहेगा।