शराब के ठेकेदारों की तरफ से लगाए गए नाके के दौरान दो लोगों से मारपीट को लेकर गांव मोफर में तनाव पैदा हो गया है।
गांव
वासियों व पुलिस के बीच झड़प के बाद थाना प्रभारी जख्मी हो गए। पुलिस ने
छह दर्जन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की है। जानकारी के
अनुसार झुनीर के शराब ठेकेदारों ने मोफर पिलछियां हद पर नाका लगाया हुआ था।
इस दौरान ठेकेदारों ने गांव फतेहपुर के दो लोगों के साथ मारपीट की और फरार
हो गए। थोड़ी दूर ही जाते हुए आगे से मोटरसाइकिल पर आ रहे गांव मोफर के
निवासी सतगुर सिंह को ठेकेदारों की गाड़ी ने टक्कर मार दी। घटना में उनके
पैर में फ्रैक्चर हो गया और चोटें आईं।
आगे जाकर अनियंत्रित हुई
उनकी गाड़ी बिजली के खंभे और दीवार से टकराती हुई गंदे नाले में जा फंसी।
सूचना पाकर जब झुनीर पुलिस गाड़ी लेने पहुंची तो गांव मोफर के निवासियों ने
ठेकेदारों की गाड़ी को ले जाने से रोक दिया। इसके कारण पुलिस व गांव
वासियों में झड़प भी हुई जिसमें थाना प्रभारी को भी चोट लगी। शुक्रवार देर
रात तक गांव मोफर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया।
मोफर गांव
के लोगों का कहना है कि पुलिस ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने व गंभीर
रूप से घायल सतगुर सिंह को अस्पताल ले जाने की बजाय ठेकेदारों की गाड़ी को
सुरक्षित ले जाने लगी। गांव के लोगों के रोकने पर पुलिस ने लोगों को बुरी
तरह पीटना शुरू कर दिया। गुरुद्वारे में रहने वाले संदीप सिंह को पुलिस ने
पीटा और उनकी बाइक भी तोड़ दी। रात को बड़ी तादाद में पुलिस गांव में आ
धमकी और ताबड़तोड़ लाठियां बरसाईं। उन्होंने प्रशासन व सरकार से अत्याचार
करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ व गांव के बेकसूर लोगों को पीटने वाले पुलिस
कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।
थाना झुनीर पुलिस का कहना है कि
ठेकेदारों की शिकायत पर सहायक थानेदार अमरीक सिंह गांव मोफर गए थे लेकिन
स्थिति काबू न होने पर उन्होंने थाना प्रभारी को बताया। थाना प्रभारी जसकरन
सिंह ने पुलिस पार्टी सहित पहुंचकर लोगों को शांत करवाने की कोशिश की
लेकिन लोगों ने पुलिस पर ईंटों से हमला कर दिया। किसी ने थाना प्रभारी के
सिर पर तेजधार हथियार दे मारा। थाना प्रभारी के बयान पर कुलविंदर सिंह,
अमृतपाल सिंह, मोनू सिंह, बाली सिंह समेत 60 -70 लोगों पर मामला दर्ज किया
गया है। पुलिस ने ठेकेदारों के चालक अमन सिंह के खिलाफ भी मामला दर्ज किया
है।