बठिंडा में पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा है कि नरेंद्र मोदी का 21 दिसंबर को पंजाब आने पर विरोध किया जाएगा।
पंजाब कांग्र्रेस ने नशा माफिया तथा करों के विरोध में बठिंडा में धरना दिया। इस मौके पर बाजवा ने कहा कि अकाली दल अपराधियों और नशा तस्करों के लिये सुरक्षित जगह बन गया है।
उन्होंने कहा कि ड्रग रैकेट में अकाली मंत्रियों, सांसदों तथा विधायकों से जुड़े होने के खुलासे के बाद भी मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल मंत्रियों तथा सिपहसालारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहे, उल्टा उन्हें बचाने के बहाने बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस जांच में कई बार यह बात साबित हो चुकी है कि पकड़े ड्रग रैकेट का राजस्व मंत्री विक्रम जीत सिंह मजीठिया तथा अन्य अकाली मंत्रियों से संबंध रहा है।
बावजूद इसके मुख्यमंत्री आरोपी मंत्रियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे, उल्टा उन्हें बचाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिंथेटिक ड्रग मामले में पकड़ा मनिंद्र सिंह बिट्टू औलख तथा जगदीश भोला जैसे पेशवर तस्कर मजीठिया तथा अन्य अकाली नेताओं के खासमखास हैं।
उन्होंने कहा कि अकाली दल नशों तथा शराब तस्करों की ठेकेदारी पर चल रहा है, क्याेंकि शराब के ठेकों पर मजीठिया तथा सुखबीर का कब्जा हो चुका है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ड्रग रैकेट मामले में सीबीआई अथवा केंद्र की नारकोटिक कंट्रोल बोर्ड से जांच की मांग करती है। बादल सरकार की नीतियों के चलते पंजाब आर्थिक रूप से तबाह हो चुका है।
प्रापर्टी, एंट्री तथा अन्य प्रकार के टैक्सों ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बादल मोदी जैसे सिख विरोधी छवि वाले नेता को सरदार की पदवी दे रहे हैं।
दूसरी ओर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह राज्य को हर प्रकार की मदद भेज रहे हैं, उन पर भेदभाव के आरोप लगाते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस मोदी को किसी भी कीमत पर पंजाब में घुसने नही देगी तथा उनका डटकर विरोध करेगी। उन्होंने गुजरात में पंजाब के किसानों के हितों की अनदेखी की है।
बनावाली में थर्मल पावर प्लांट पर उन्होंने कहा कि इसमें पंजाब सरकार ने लोगों से धोखा किया है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट थर्मल प्लांटों की आड़ में बादल सरकार ने कंपनियों से करोड़ों रुपये रिश्वत ली है।
इस मौके पर गुरप्रीत सिंह कांगड़, अजीत इंद्र सिंह मोफर, अजैब सिंह भट्टी, मक्खन सिंह, हरमिंद्र सिंह जस्सी, जोगिंद्र सिंह पंजगराई, फतेह जंग सिंह बाजवा, अशोक प्रधान, नरेंद्र भूलेरिया, खुशबाज जटाना, आशु ठाकुर, इंद्र सिंह साहनी, इकबाल ढिल्लों, चिरंजी लाल गर्ग, गुरमीत सिंह, केके अग्रवाल, जसबीर सिंह डिंपा, गुरा सिंह तुंगवाली, बिक्रमजीत सिंह बिक्का, लाला जीत मल्ल, जसबीर सिंह जस्सा, महिंद्र कौर रानी, मोहन लाल झुंबा और रूपिंद्र बिंद्रा मौजूद थे।