बीड़ तालाब के पास सरहिंद नहर में पड़ी दरार को एनडीआरएफ के जवानों और नहरी विभाग के कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद रविवार शाम भर दिया।
अधिकारियों के अनुसार अब नहर में से बाहर पानी निकलना बंद हो गया है। प्रशासन व सिंचाई विभाग की ओर से लगाए गए बांध को और मजबूत किया जा रहा है।
सिंचाई मंत्री जनमेजा सिंह सेखों ने बताया कि शनिवार को नहर में दरार पड़ी थी। उस समय नहर में 540 क्यूसेक पानी का बहाव था। घटना के बाद इस नहर का पानी पटियाला फीडर, कोटला फीडर और अबोहर ब्रांच की तरफ मोड़ दिया गया।
आपदा से निपटने के लिए बठिंडा की एनडीआरएफ पुलिस के 40 जवान अपने समान के साथ तुरंत वहां पहुंच गए। नहरी विभाग के उच्च अधिकारियों ने राहत कार्यों को 24 घंटे लगातार जारी रखा। सेखों ने कहा कि इससे किसानों को कितना नुकसान पहुंचा है इसकी जानकारी एकत्र की जा रही है।
नहरी विभाग के कार्यकारी इंजीनियर उपकरन पाल सिंह ने बताया कि सोमवार दोपहर तक इस नहर में पानी वापस छोड़ दिया जाएगा और शाम तक स्थिती नार्मल हो जाएगी।
बीड तालाब बस्ती न. 4 और मुल्लतानियां रोड पर रहने वाले किसानों का कहना है कि उनके खेतों में लगी सब्जियों की फसल नष्ट हो गई है। भारतीय किसान यूनियन लक्खोवाल के अध्यक्ष रामकरण सिंह रामां ने कहा कि किसानों का जो नुकसान हुआ है उन्हें मुआवजा मिलना चाहिए।