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सब्सिडी बंद होने पर उठने लगे कई सवाल

Sat, 22 Jun 2013 05:30 AM IST
Bathinda
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फिरोजपुर। श्री अमरनाथ की यात्रा पर लंगर लगाने वाली लंगर समितियों को पिछले बीस साल से अधिक समय से राशन, एलपीजी, केरोसीन व अन्य सामग्री मिल रही थी, लेकिन इस साल बिना किसी वजह के सब्सिडी बंद कर देने से कई सवाल उठने लगे हैं। ऐसा कर जम्मू-कश्मीर सरकार यात्रा के दौरान लंगर समितियों से कमाई करना चाहती है। जबकि जिस दाम पर लंगर समितियों को केरोसीन व अन्य सामग्री मिल रही है इससे कई गुणा कम दाम पर वहां के रहने वाले लोगों को सामान मिल रहा है। उधर, श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर आर्गेनाइजेशन (एसएबीएलओ) के प्रधान विजय ठाकुर व महासचिव राजन गुप्ता ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला, जेएंडके के सीएपीडी मंत्री के.वी थोमस, जेएंडके के राज्यपाल, केंद्र सरकार, चीफ सेक्रेटरी व फाइनेंस मिनिस्टर को पत्र लिखकर सब्सिडी दोबारा देने की मांग की है।
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महासचिव राजन गुप्ता ने बताया कि 25 मई को सब्सिडी संबंधी एसएबीएलओ की जम्मू-कश्मीर के सीएपीडी डायरेक्टर के साथ बैठक हुई। उसमें डायरेक्टर ने साफ इनकार कर दिया कि इस बार राशन, एलपीजी व केरोसीन व अन्य वस्तुओं पर सब्सिडी नहीं दी जाएगी। इसके बाद छह जून को उक्त संस्था ने केंद्र सरकार से लेकर जम्मू-कश्मीर की सरकार को सब्सिडी संबंधी पत्र लिखे लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। गुप्ता का कहना है कि श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान लंगर समितियों का राशन बहुत लगता है। जैसे चावल लगभग 625 मीट्रिक टन, चीनी 300 मीट्रिक टन, आटा 120 मीट्रिक टन, केरोसीन 210 किलो लीटर व रसोई गैस 25000 सिलेंडर खर्च होते हैं। ये सब कुछ यात्रियों को मुफ्त में वितरित किया जाता है।
गुप्ता ने कहा कि पिछले बीस साल से अधिक समय से जम्मू-कश्मीर सरकार उन्हें राशन पर सब्सिडी दे रही थी, इस साल कोई वजह बताए बिना अचानक सब्सिडी बंद कर दी। लंगर समितियां तो यात्रा के दौरान देशभर से आने वाले शिवभक्तों की सेवा करने के लिए आती है। ये सिर्फ हिंदुओं की यात्रा नहीं है, बल्कि विभिन्न जातियों के लोग देश भर से यहां पर आते हैं। केंद्र सरकार व राज्य सरकारें हज यात्रा पर यात्रियों को प्रत्येक सुविधा मुहैया करवाती है परंतु श्री अमरनाथ की यात्रा पर कई टैक्स लगाए जा रहे हैं। ऐसा क्यों?
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