रामपुरा फूल (बठिंडा)। उत्तराखंड गए रामपुरा फूल से 21 तीर्थयात्री शुक्रवार को सकुशल रामपुरा फूल लौट आए। वापस आने वालों में 8 लोग केदारनाथ, 10 यमुनोत्री व 3 जोशीमठ में फंसे थे। इनके सही सलामत आने पर सगे-संबंधियों ने चैन की सांस ली है। ये लोग अपना दूसरा जन्म बताते हुए भगवान का शुक्रिया कर रहे हैं। उद्योगपति शिंपी गर्ग अपने 8 पारिवारिक सदस्यों के साथ बद्रीनाथ धाम में फंसे हैं।
रामपुरा फूल में स्टेशनरी की दुकान करने वाले रवि नंद व सुनील कुमार पारिवारिक सदस्यों एवं भाजपा रामपुरा मंडल के महासचिव विवेक गर्ग के साथ 13 अक्तूबर को केदारनाथ धाम की यात्रा पर गए थे। उन्होंने 15 जून को दोपहर में केदारनाथ धाम में माथा टेका। रात करीब 12 बजे जैसे उन्होंने सीतापुर गांव में नदी किनारे पार्किंग से अपनी गाड़ी में बैठ कर सफर शुरू किया, उसके चंद पलों बाद नदी में आई बाढ़ ने वहां खड़ी 150-200 गाड़ियों को अपने आगोश में ले लिया। वे सोनप्रयाग पहुंचे तो वहां से उनके निकलने के बाद पानी ने सब कुछ तबाह कर दिया। उन्होंने एक रात सीतापुर एवं तीन रातें देवलोक में बिताईं। लगातार 36 घंटे का सफर कर शुक्रवार सायं 4 बजे वे रामपुरा फूल पहुंचे। रवि व सुनील ने राहत व बचाव कार्यों में ढील पर नाराजगी जताई। स्थानीय लोगों द्वारा दिए आश्रय व सहयोग के लिए उन्होंने आभार व्यक्त किया।
यमुनोत्री की यात्रा पर निकले राजन मेडिकल हाल के राजेश कुमार, सिंगला इलेक्ट्रानिक्स के अशोक कुमार व हैपी जलाल एवं तीनों के 10 पारिवारिक सदस्य वीरवार देर रात को सकुशल रामपुरा आ गए। श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा पर गए जोशीमठ में फंसे डॉ बलजिंद्र जौड़ा के बेटे निखिल जौड़ा, भतीजा व भानजा भी सकुशल लौट आए।