बठिंडा। नगर निगम की हाउस की बैठक में हदबंदी बढ़ाने के फैसले पर मोहर लगा दी। हदबंदी बढ़ाने से नगर निगम बठिंडा का दायरा साढे़ 68 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 75 वर्ग किलोमीटर तक हो गया है।
निगम अधिकारियों के अनुसार उक्त हदबंदी बढ़ाने से जहां आसपास के क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी वहीं निगम की आमदन में भी वृद्धि होगी। बैठक दौरान मेयर बलजीत सिंह बीड़ बहिमण, नगर निगम कमिश्नर उमा शंकर गुप्ता, सीनियर डिप्टी मेयर तरसेम गोयल, डिप्टी मेयर गुरिंद्रपाल कौर मांगट व अन्य अधिकारी व पार्षद उपस्थित रहे।
कांग्रेसी पार्षदों के विरोध के बावजूद नगर निगम हाउस ने हदबंदी को मंजूरी दे दी गई। वार्ड नं.5 के कांग्रेसी पार्षद डा.मुकेश कुमार ने कहा कि बीबी वाला रोड की ओर हदबंदी 2008 दौरान भी हो चुकी है। इस क्षेत्र का अधिकांश हिस्सा छावनी व बीबी वाला गांव तहसील नथाना के तहत पड़ता है। इसके अलावा कुछ उर्वर जमीनों वाला हिस्सा सरहिंद नहर के साथ लगता है। उक्त क्षेत्र के विकास के लिए निगम को भारी भरकम राशि खर्च करनी पड़ेगी जिससे निगम पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। लिहाजा उक्त क्षेत्र की ओर हदबंदी बढ़ाने की तजवीज को रद्द किया जाए। उन्होंने नगर निगम कमिश्नर को एक पत्र सौंपकर हदबंदी लागू न करने की बात कही जबकि हाउस की बैठक में भी हदबंदी पर विरोध दर्ज करवाया।
हाउस की बैठक दौरान हदबंदी के अलावा बागबानी शाखा के लिए एक व स्वास्थ्य शाखा के लिए 2 ट्रैक्टर खरीदने, बशेशर नगर में सीवरेज डालने, सॉलिड वेस्ट प्लांट में निगम द्वारा मिट्टी डालने, दिल्ली रेलवे अंडर ब्रिज की लाइटों का चार्ज लेने, सर्विस टैक्स का लगभग साढ़े 59 लाख रुपये भरने व निगम कर्मियों के कुछ निजी मामलों के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक की शुरूआत दौरान कांग्रेसी पार्षद जगरूप सिंह गिल के पिता के निधन पर 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
ये आएंगे दायरे में
नगर निगम की हदबंदी बढ़ने से मलोट रोड पर भी कुछ मैरिज पैलेस, स्कूल, पैट्रोल पंप निगम की हद में आ जाएंगे। मुलतानिया रोड पर भी पैट्रोल पम्प, रिहायशी कालोनियां व अन्य व्यवसायिक स्थल निगम की हद में हो जाएंगे। उक्त क्षेत्रों के निगम की हद में आने के चलते इसका असर वार्डबंदी पर भी पड़ेगा व निगम को वार्डबंदी में भी तबदीली करनी पड़ सकती है।