अधिकारियों ने बताया कि शॉ 'किसान गार्ड' का हिस्सा थे, जो सीमा पर किसानों की सुरक्षा के लिए तैनात था। वह गलती से सीमा की स्थिति का अंदाजा नहीं लगा पाए और पेड़ के नीचे आराम करने के लिए सीमा पार कर गए, जहां रेंजर्स ने उन्हें पकड़ लिया।
परिवार से मुलाकात
शॉ की गर्भवती पत्नी और बेटा सोमवार को पंजाब पहुंचे और बीएसएफ यूनिट के वरिष्ठ अधिकारियों से मिले। अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि जवान जल्द वापस आएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा जवान की रिहाई के लिए प्रयास जारी हैं। पहलगाम आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव के कारण पाकिस्तान शायद अपने विकल्प तलाश रहा है। पहले ऐसी घटनाएं जल्द सुलझ जाती थीं।
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