बापू आसाराम की चिंताएं खत्म होने का नाम नहीं ले रहीं। अब बापू आसाराम के आश्रम की इंचार्ज नीलम दूबे द्वारा संत आसाराम की तुलना श्री गुरु नानक देव के साथ करने पर सिख जत्थेबंदियों में खासा रोष फैल गया है।
सोमवार को सिख जत्थेबंदियों ने डिवीजन नंबर चार में प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। सूचना पाकर एसीपी सेंट्रल दलबीर सिंह बुट्टर मौके पर पहुंचे और सिख जत्थेबंदियों को शांत किया।
एडीसीपी स्थानीय नवजोत माहल ने कहा कि नीलम दूबे के खिलाफ जालंधर के डिवीजन नंबर चार में धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने का केस दर्ज किया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों में शामिल प्रधान गुरमीत सिंह बिट्टू, अमनदीप सिंह, बलजीत सिंह, रंजीत सिंह गोल्डी, सुरिंदरपाल, दविंदर सिंह ने कहा कि नीलम दूबे ने जो तुलना की है, उससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
एसीजीपी दिल्ली की तरफ से रविवार को दिल्ली में भी केस दर्ज करवाया गया है। सोमवार को जालंधर में नीलम दूबे के खिलाफ दूसरा केस दर्ज कर लिया गया है। एडीसीपी माहल का कहना है कि उसको गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सिख समुदाय की भावनाएं आहत : बादल
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने आसाराम ट्रस्ट की मीडिया सलाहकार नीलम दूबे द्वारा सिख गुरु साहिबान के बारे में बोले गए आपत्तिजनक शब्दों की निंदा की है।
बादल ने कहा कि ऐसे कथनों ने सिख कौम की भावनाओं को भारी ठेस पहुंचाई है और इससे धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंची है।
किसी भी व्यक्ति को ऐसा कुछ कहना या करना नहीं चाहिए, जिससे अशांति पैदा हो और आपसी भाईचारे का माहौल खराब हो।
किसी को भी ऐतिहासिक तथ्यों की जांच के बिना संवेदनशील धार्मिक मामलों के बारे में बयान देने की आज्ञा नहीं होनी चाहिए।