भारतीय कैदी सरबजीत सिंह की अंतिम इच्छा थी कि उसकी छोटी बेटी पूनम एक वकील बनें। वह अपनी बड़ी बेटी स्वपनदीप के पति से मिलना चाहता था।
उसे अपनी रिहाई की चिंता नहीं थी, उसकी बस यही इच्छा थी कि उसकी पत्नी और बेटी का सरकार उससे मिलने के लिए पाक का वीजा दे दे।
सरबजीत ने ये इच्छाएं पिछले साल सितंबर महीने मे कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी को लिखे पत्र में जताई थी।
पढ़िए, सरबजीत सिंह की पूरी कहानी
गुरुवार को इंडियन एयरलाइंस के विशेष विमान से सरबजीत का शव भारी सुरक्षा के बीच श्री गुरु रामदास एयरपोर्ट पहुंचा।
उनके शव को लेने के लिए विदेश राज्य मंत्री परनीत कौर, डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल और कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया पहुंचे थे।
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा और विभिन्न कांग्रेसी नेता भी एयरपोर्ट पर मौजूद थे।
पाकिस्तान के लाहौर एयरपोर्ट पर इंडियन एयरलाइंस का विशेष विमान सरबजीत का शव लेने के लिए भेजा गया था।
करीब 45 मिनट के सफर के बाद शाम 7:48 बजे पर विमान भारत पहुंचा।
एयरपोर्ट पर पांच एंबुलेंस तैनात की गई थी। इसके साथ ही सीआईएसएफ और पंजाब पुलिस के सुरक्षा दस्ते तैनात थे। हवाई जहाज से सरबजीत का शव बंद ताबूत में उतारा गया।
इसके बाद ताबूत को एक एंबुलेंस में रखा गया और उसके पैतृक गांव भिखीविंड के लिए भेज दिया गया। सरबजीत का अंतिम संस्कार आज दोपहर में किया जाएगा। अंतिम संस्कार में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी शामिल होंगे।
एयरपोर्ट पर विदेश राज्यमंत्री परनीत कौर ने कहा कि आज सारा देश सरबजीत के परिवार के शोक में परिवार के साथ है।
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पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि सरबजीत की मौत देश के लिए एक गहरा सदमा है।
कैबिनेट मंत्री बिक्रमजीत सिंह मजीठिया ने कहा कि पंजाब सरकार परिवार के साथ शोक व्यक्त करती है। सरकार परिवार को सहायता भी देगी।